देवरिया जिले के सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव में भी पड़ा छापा

लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार के उपक्रम WAPCOS लिमिटेड से जुड़े एक कथित रिश्वत कांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एंटी करप्शन ब्रांच ने लखनऊ में ट्रैप कार्रवाई कर परियोजना प्रबंधक पंकज दुबे को 10 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है। प्रकरण में एक ठेकेदार सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि आठ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, भुवनेश्वर स्थित परियोजनाओं में ठेका दिलाने और स्वीकृति पत्र (एलओए) जारी कराने के एवज में धन की मांग की शिकायत मिली थी। प्रारंभिक सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया और भुगतान को प्रभावित करने के लिए रकम मांगी गई। ट्रैप के दौरान आरोपी अधिकारी को 10 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया और नकदी बरामद की गई।
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कार्रवाई के बाद सीबीआई ने लखनऊ के चार ठिकानों के अलावा देवरिया, गाजीपुर और भुवनेश्वर में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी ली। देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के ठेंगवल दूबे गांव स्थित आवास पर टीम ने देर रात पहुंचकर घंटों दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े अभिलेखों की जांच की। गाजीपुर में संबंधित ठेकेदार के परिसरों की भी तलाशी ली गई।
WAPCOS जल, विद्युत और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में परामर्श सेवाएं देने वाली सरकारी कंपनी है, जिसका कॉरपोरेट मुख्यालय गुरुग्राम में है। आरोप है कि परियोजना प्रबंधक के पद पर रहते हुए आरोपी अधिकारी निविदा आमंत्रण, अनुबंध स्वीकृति, एलओए जारी करने और बिल भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े थे, जिनका कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।
सीबीआई ने जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दायरे में अन्य संभावित कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है।

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