गोंदिया – वैश्विक स्तरपर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत, दमदार, प्रबल होना उस देश को आर्थिक स्थिति सुदृढ़ और पूर्ण विकसित देशों में अपने दावेदारी के मानकों में वृद्धि करती है। दुनिया में उसका आर्थिक मोर्चे पर दमदार आगाज होता है। स्वभाविक ही है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उस देश की प्रतिष्ठा में जबरदस्त उछाल आता है। दुनियाभर के निवेशकों की नजरें उस देश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित रहती है। दुनिया के निवेशकों का बहुत बड़ा भाग उस देश में निवेश करने आता है और अर्थव्यवस्था की सीढ़ी को ऊंचाई तक ले जाने वाले पहिए अपने आप बनते चले जाते हैं। आज ऐसी ही कुछ बात हमारे भारत देश के साथ होने की ओर अग्रसर है, क्योंकि भारत एक बार फिर दुनिया की 5 टॉप इकोनामिक में इंट्री ले ली है। भारत ने ब्रिटेन को पीछे छोड़कर तिमाही आधार पर यह स्थान हासिल किया है और भारत की ग्रोथ को देखते हुए भारत दुनिया की पांचवीं अर्थव्यवस्था बन जाएगा तथा यह स्थान स्थाई होगा और आगे चलकर जैसा कि हमारे विजन 2047 विजन 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था पर काम कर रहे हैं हम आर्थिक मोर्चे पर विश्व गुरु जरूर बनेंगे ऐसा मेरा मानना है, इसलिए आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में उपलब्ध जानकारी के आधार पर भारत के आर्थिक मोर्चे पर दमदार आगाज़ पर चर्चा करेंगे। साथियों बात अगर हम इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) की करें तो उसके अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है, जिसके कारण 2021 के आखिरी तीन महीनों में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। आईएमएफ के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था में यह ग्रोथ 2022-23 में भी जारी है, जिसके कारण भारत साल के आधार पर भी दुनिया का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन सकता है। साथियों बात अगर हम भारतीय अर्थव्यवस्था में तेज गति से विस्तार की करें तो, कोरोना महामारी को मात देकर भारत की अर्थव्यवस्था ने तेजगति से अपना विस्तार किया है। एक अनुमान के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 13.5 फीसदी रही है। साथियों पहले 11वें स्थान पर था भारत, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सकल घरेलू उत्पाद के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने पहली तिमाही में बढ़त हासिल कर ली है। अभी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में अमेरिका है। जबकि दूसरे नंबर पर चीन फिर जापान और जर्मनी का नंबर है। एक दशक पहले भारत इस सूची में 11वें नंबर पर था और ब्रिटेन पांचवें पायदान पर। भारत ने यह कारनामा दूसरी बार किया है। इससे पहले 2019 में भी ब्रिटेन को छठे स्थान पर धकेल दिया था। साथियों बात अगर हम भारत के आर्थिक मोर्चे पर दमदार आगाज़ की करें तो, भारत की वृद्धि दर की बात करें तो विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों में दूसरे नंबर पर काबिज चीन आसपास भी नहीं है। अप्रैल-जून तिमाही में चीन की वृद्धि दर 0.4 प्रतिशत रही है। वहीं कई अन्य अनुमान बताते हैं कि सालाना आधार पर भी भारत के मुकाबले में चीन पीछे रह सकता है।साथियों राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) ने बीते दिनों आंकड़े जारी किए थे। इनके मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 17.6 फीसदी रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 10.5 फीसदी रही थी। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 4.5 फीसदी रही। 2021-22 की पहली तिमाही में 2.2 फीसदी रही थी।भारत ने हाल में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक भारत दुनिया में सबसे तेज आर्थिक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 13.5 फीसदी रही, जो पिछले एक साल में सबसे अधिक है। नकदी के संदर्भ में देखें तो भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार मार्च तिमाही में 854.7 अरब डॉलर है, जबकि ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 816 अरब डॉलर की है। साथियों बात अगर हम अर्थव्यवस्था के पांचवी रैंकिंग पर आने पर आम लोगों पर असर की करें तो भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल महंगाई, रुपये में गिरावट, महंगे कच्चे तेल, कमोडिटी कीमतों से जूझ रही है. और इन चुनौतियां का सामना सिर्फ भारत ही नहीं पूरा विश्व कर रहा है. यकीनन रैकिंग बढ़ने का तुरंत ही कोई असर नहीं दिखेगा. क्योंकि महंगाई जैसी वजहें सारी अर्थव्यवस्थाओं पर हावी हैं और इसी वजह से अर्थव्यवस्थाओं का साइज घट बढ़ रहा है. हालांकि ऐसा नहीं है कि भारत के लिए ये उपलब्धि सिर्फ नाम की है। मध्यम से लंबी अवधि के बीच टॉप 5 में शामिल होना अर्थव्यवस्था के लिए न केवल सकारात्मक है साथ ही इसका प्रभाव आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि भारत का आर्थिक मोर्चे मोर्चे पर दमदार आगाज हुआ है।गर्व की बात-भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।दुनिया में भारत सबसे तेज आर्थिक वृद्धि वाली अर्थव्यवस्था बनने से इतिहास रचने की संभावना-विश्व की हसरत भरी नजरें भारत की ओर हो गई है।
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