बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर में बड़ा शिक्षा संकट, 700 छात्र प्रभावित

डीआईओएस कार्यालय की लापरवाही से छात्रों का भविष्य अधर में


कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से 18 फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा से पहले कुशीनगर जिले में सामने आई एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही ने शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इस चूक ने एक झटके में करीब 700 परीक्षार्थियों के भविष्य को अंधेरे में डाल दिया है। सालभर की मेहनत, सपने और उम्मीदें—सब कुछ विद्यालय और डीआईओएस कार्यालय की गैर-जिम्मेदाराना कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा से ऐन पहले छात्रों के पंजीकरण, विषय कोड अथवा परीक्षा केंद्र से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं में भारी अनियमितता सामने आई है। इसके चलते सैकड़ों छात्र असमंजस की स्थिति में हैं कि वे परीक्षा दे भी पाएंगे या नहीं। अभिभावकों और छात्रों में भारी आक्रोश है, वहीं शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

ये भी पढ़ें – अवैध असलहा व संदिग्ध वाहनों पर पुलिस की कड़ी नजर

यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि 700 छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस स्तर की लापरवाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना अब बेहद जरूरी हो गया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने समय से सभी दस्तावेज जमा किए थे, इसके बावजूद आज वे मानसिक तनाव और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं।
अभिभावकों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर तत्काल कार्रवाई हो तथा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
शिक्षाविदों का मानना है कि बोर्ड परीक्षा देश की शिक्षा प्रणाली की रीढ़ होती है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न केवल छात्रों का मनोबल तोड़ती है, बल्कि पूरे सिस्टम पर अविश्वास पैदा करती है। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर तकनीकी व प्रशासनिक त्रुटियों को दूर करे और छात्रों को परीक्षा में बैठने का पूरा अवसर दे।

ये भी पढ़ें – पीएम मोदी का संदेश: विकसित भारत के लिए औपनिवेशिक सोच से मुक्ति जरूरी

अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा परिषद पर टिकी हैं कि वे इस संकट से छात्रों को कैसे उबारते हैं। यदि त्वरित निर्णय नहीं लिया गया, तो इसका सीधा असर छात्रों के करियर और जिले की शिक्षा छवि पर पड़ेगा।

Editor CP pandey

Recent Posts

सब्जी मंडी से दिनदहाड़े स्पलेंडर बाइक चोरी, कसया में चोरों का बढ़ता आतंक

कसया / कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवीन सब्जी मंडी में दिनदहाड़े…

5 minutes ago

15% रिटर्न का जाल: कैसे फैला मैक्सीजोन चिटफंड नेटवर्क

रांची में 307 करोड़ चिटफंड घोटाला: मैक्सीजोन कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह पर ईडी की…

18 minutes ago

अल्पसंख्यकों की भागीदारी और जमात का उभार: चुनाव 2026 के बड़े संकेत

बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की ऐतिहासिक वापसी, तारिक रहमान की अगुवाई में सत्ता परिवर्तन से…

27 minutes ago

मनरेगा की पहचान बदलने पर कांग्रेस का विरोध तेज

मनरेगा का नाम बदलना मजदूरों के भविष्य से खिलवाड़ – राघवेंद्र प्रताप सिंह मऊ (राष्ट्र…

29 minutes ago

जेसीबी कार्रवाई के बीच थप्पड़ का वीडियो वायरल, जांच शुरू

देवरिया में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पुलिस का व्यवहार विवादों में, थप्पड़ मारने का…

1 hour ago

जर्जर हथिनी–सरवां सड़क से ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

हथिनी–सरवां मार्ग की मरम्मत जरूरी: जर्जर सड़क से बढ़ रहा हादसों का खतरा, मुख्यमंत्री से…

1 hour ago