Categories: Uncategorized

गुरू महिमा

गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर
सभी गुरुओं को सादर प्रणाम है,
दादा-दादी, माता-पिता, बड़ों को
जीना सिखलाने के लिये नमन है।

अपने शिक्षकों सहित उस प्रत्येक
व्यक्ति का आजीवन ऋणी रहूँगा,
मैं उस जन जन को गुरू मानता हूँ,
जिनसे अब तक सीखता रहता हूँ।

आज के युग में जो तकनीकी बातें,
छोटे छोटे बच्चे बड़ों को बताते हैं,
अपना ज्ञान जो औरों में बाँटते हैं,
बड़े हों या छोटे सभी गुरु होते हैं।

प्राय: ग़रीब व्यक्ति सहृदय होते हैं,
पशु, पक्षी, पेंड़, पौधों, इंसानों की
मदद को हर समय तत्पर रहते हैं,
सारे समाज को वह शिक्षा देते हैं।

ऐसे सभी गुरु ईश्वर समान होते हैं,
व ईश्वर तो गुरूवों का गुरु होता है,
आदित्य सबको नमन हृदय से मेरा
गुरू पूर्णिमा के शुभ अवसर पर है।

कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

गोवंश आश्रय स्थल में मिली गंभीर लापरवाही, सीडीओ ने जताई नाराजगी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड मुहम्मदाबाद गोहना के ग्राम पंचायत तिलसवां स्थित अस्थाई गोवंश…

1 hour ago

1965 युद्ध के शहीद हवा सिंह लांबा की स्मृति में रक्तदान शिविर, 86 युवाओं ने किया रक्तदान

झज्जर (राष्ट्र की परम्परा)। वीरों की देवभूमि कहे जाने वाले गांव धारौली में 1965 भारत-पाक…

1 hour ago

तेज रफ्तार ट्रेलर ने मचाया तांडव, स्कूटी सवार दो लोगों की मौत

हिरासत में, ट्रेलर चालक पुलिस के कब्जे में सतीश पाण्डेय की रिपोर्ट महराजगंज (राष्ट्र की…

3 hours ago

महिलाओं-बालिकाओं की सुरक्षा पर फोकस, देवरिया में पुलिस ने सुबह से संभाला मोर्चा

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में रविवार सुबह जिलेभर…

6 hours ago

यूपी 2027 की जंग का काउंटडाउन शुरू! टिकट, सहयोगी और संगठन पर भाजपा का बड़ा मंथन

यूपी 2027: 2024 के झटके से सबक, भाजपा के सामने संगठन, सहयोगी और समीकरण साधने…

6 hours ago

मां दुर्गा का वाहन सिंह ही क्यों बना? जानिए तपस्या और शिव-कृपा से जुड़ी अद्भुत कथा

लेखक : पंडित सुधीर तिवारी सनातन हिंदू धर्म में आदिशक्ति मां दुर्गा को शक्ति, साहस,…

7 hours ago