छिंदवाड़ा/मध्यप्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। छिंदवाड़ा जिले के शासकीय महाविद्यालय बिछुआ में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला स्वामी विवेकानंद करिअर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं इन्नोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारपरक सोच, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा से जोड़ना रहा।
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कार्यशाला की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा की गई। प्रशिक्षण सत्र में शिखा साहू (शासकीय महाविद्यालय, सौसर) ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, स्वरोजगार और नवाचार आधारित करियर विकल्पों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में उद्यमिता केवल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समस्या समाधान, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ी हुई है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पूजा तिवारी ने छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए कौशल विकास, डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि सही दिशा में मार्गदर्शन पाए, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी रोजगार सृजन कर सकता है।
कार्यक्रम का संचालन प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. शहीदा बेगम मंसूरी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के सदस्य रघुवीर उईके, दुजारी बोसम, डॉ. विवेक तिवारी, मनीष कुमार ठाकुर, डॉ. अनिल कोठे, यशोदा उईके सहित समस्त प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
विद्यार्थियों ने कार्यशाला में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए उद्यमिता, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रश्न पूछे। संवादात्मक सत्र में छात्रों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे वे अपने विचारों को व्यवसायिक रूप दे सकते हैं और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
यह कार्यशाला महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं नवाचार गतिविधियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से छात्रों को उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति के प्रति नई प्रेरणा मिली। आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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