गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी घमासान तेज होने के संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने की कांग्रेस की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘जीते तो पुरुषार्थ, हारे तो EVM दोषी।’ मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि देश की जनता लोकतंत्र के नाम पर अराजकता को लंबे समय तक बर्दाश्त नहीं करेगी।
सीएम योगी ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी जीत और हार दोनों को स्वीकार करना राजनीतिक परिपक्वता की पहचान है। यदि कोई दल हार के बाद लगातार संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करता है, तो उसे अपने राजनीतिक आचरण और जनता के बीच घटते भरोसे पर भी विचार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करने की नसीहत देते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी को अपनी रणनीति और कार्यशैली पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी राजनीतिक असफलताओं से ध्यान हटाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं तथा चुनी हुई सरकारों पर निशाना साधते हैं।
सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस वर्ष 1985 के बाद से राज्य की सत्ता में वापसी नहीं कर सकी है। उन्होंने इसे पार्टी के प्रति जनता के बदलते रुख का संकेत बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के साथ न्यायपालिका को लेकर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। चुनावी नतीजों या न्यायालय के फैसलों से असहमति होने पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखी जानी चाहिए।
दिल्ली में कांग्रेस की गतिविधियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी के विरोध प्रदर्शनों से अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कांग्रेस को सकारात्मक राजनीति करने तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
सीएम योगी ने कांग्रेस नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपनी राजनीतिक जिम्मेदारियों का आकलन करना चाहिए। उन्होंने युवाओं और आम जनता को भ्रमित करने के बजाय रोजगार, विकास और जनहित जैसे मुद्दों पर स्वस्थ बहस करने की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की जनता लोकतंत्र के प्रति जागरूक है और वह अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने, संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने और जनता के विश्वास को मजबूत बनाने की अपील की। उनके इस बयान से साफ है कि चुनावी माहौल में संवैधानिक संस्थाओं, ईवीएम और विपक्ष की राजनीति को लेकर सियासी बहस और तेज हो सकती है।
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