अस्पताल में तैनात जिम्मेदार ही डकार रहे हैं गरीबों का निवाला

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। नौतनवां विकास खंड अंतर्गत रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जननी शिशु सुरक्षा योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं की जमकर अनदेखी की जा रही है। केंद्र पर तैनात नये प्रभारी चिकित्साधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद से व्यवस्थाओं में लगातार गिरावट और भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ गई हैं। गुरुवार को ग्राम पंचायत बरगदवां टोला बरईठवां की एक प्रसूता सीमा पत्नी उमेश यादव को सीएचसी में एक स्वस्थ्य शिशु जन्म देने के बावजूद, उसे नाश्ता और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार अंडा, दूध, ब्रेड, चावल, दाल व सब्जी तक मुहैया नहीं कराई गई। यहां तक कि दिन में दो बार का भोजन भी समय से नहीं दिया गया, जिसके चलते परिवार को बाहर से नाश्ता खरीदना पड़ा। प्रसूता सीमा ने आरोप लगाया कि प्रसव करवाने वाली स्टाफ नर्स ने उससे ₹200 की रिश्वत भी वसूली, जबकि जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत सभी सेवाएं निःशुल्क होनी चाहिए। योजना के मीनू के अनुसार, प्रसव के बाद प्रत्येक महिला को सुबह में अंडा या दूध-ब्रेड और दोपहर व रात को पौष्टिक भोजन अनिवार्य रूप से दिया जाना चाहिए,लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में यह हालात आम हो गई है और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा। सूत्रों के अनुसार, सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार की है, लेकिन उनके कार्यकाल में हालात और बद से बदतर हो गया हैं। ग्रामीणों ने सीएमओ महराजगंज से इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जल्द ही सीएचसी गेट पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रभारी चिकित्साधिकारी की होगी। उपरोक्त मामले के सन्दर्भ में जानकारी हेतु सीएमओ महराजगंज के मोबाइल फोन पर कई बार सम्पर्क किया गया। परन्तु वह फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझे।