मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। चकबंदी प्रक्रिया को गति देते हुए जिला उप संचालक चकबंदी अधिकारी (सीआरओ) दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में वर्षों से लंबित मामलों का सफल और पारदर्शी निस्तारण किया गया है। उप संचालक द्वारा गांव-गांव चौपाल लगाकर किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया गया, जिससे विश्वास बढ़ा और चकबंदी कार्य को अपेक्षित सहयोग मिला।
सीआरओ दिनेश मिश्रा ने जानकारी दी कि तहसील मधुबन के ग्राम नुरूल्लाहपुर, तहसील मुहम्मदाबाद गोहना के ग्राम अल्देमऊ व सियाबस्ती तथा तहसील सदर के ग्राम गजेंद्रपुर जैसे गांव, जो 24 से 33 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित थे, अब पूरी तरह निस्तारित कर दिए गए हैं। इन ग्रामों में अंतिम अभिलेख व भू-चित्र तैयार कर उत्तर प्रदेश जोत चकबंदी अधिनियम 1953 की धारा 52(1) के अंतर्गत प्रख्यापन कराया गया है।
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इसके अलावा सरौंदा, पहाड़पुर, खरका, बस्ती, नसीराबाद खुर्द, पकड़ीकोल व रकौली में चक सीमांकन व कब्जा परिवर्तन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। वर्ष 2023 में प्रख्यापित गांवों में से कई में दो वर्ष से कम समय में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रशासनिक पारदर्शिता, सतत निगरानी और किसानों की सहभागिता के चलते चकबंदी प्रक्रिया अब तेज, निष्पक्ष और प्रभावी रूप में आगे बढ़ रही है।
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