मिशन शक्ति के तहत जिला अस्पताल में बेटियों के जन्म पर विशेष आयोजन

मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)
जनपद के जिला अस्पताल में बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए एक सराहनीय पहल की गई। जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव के तहत मिशन शक्ति एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में 14 नवजात बालिकाओं की माताओं को सम्मानित कर बेबी किट वितरित की गई। इस आयोजन ने न केवल अस्पताल परिसर में सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि भविष्य की आधारशिला हैं।
यह कार्यक्रम जिलाधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देशानुसार महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाना रहा।
14 नवजात बेटियों को मिला विशेष सम्मान
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान हाल ही में जन्मी 14 बच्चियों की माताओं को सम्मानित करते हुए बेबी किट प्रदान की गई। इन किटों में नवजात शिशु की देखभाल से संबंधित आवश्यक सामग्री शामिल थी, जिससे शिशु के प्रारंभिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को सुनिश्चित किया जा सके।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि ऐसे आयोजनों से परिवारों को यह प्रेरणा मिलती है कि बालिका जन्म गौरव का विषय है। कार्यक्रम में मौजूद परिजनों ने भी इस पहल की सराहना की।
प्रसवोत्तर देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान माताओं को अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, पौष्टिक आहार, जननी सुरक्षा केंद्र, निःशुल्क दवाओं तथा जच्चा-बच्चा देखभाल सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष रूप से महिलाओं को प्रसव के बाद स्वयं की देखभाल, स्वच्छता बनाए रखने, संतुलित भोजन लेने और नवजात शिशु को समय पर टीकाकरण कराने की सलाह दी गई। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्तनपान के महत्व पर भी जोर दिया।
कन्या सुमंगला योजना से जोड़ने पर जोर
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव के अवसर पर अभिभावकों को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से लेकर शिक्षा के विभिन्न चरणों तक आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
परिवारों को जनसेवा केंद्र पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया तथा योजना से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए, ताकि पात्र लाभार्थी समय पर आवेदन कर सकें।
बाल विवाह मुक्त भारत का दिलाया गया संकल्प
कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है।
बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और समान अवसर उपलब्ध कराना ही सशक्त समाज की नींव है। जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
महिलाओं के लिए संचालित अन्य योजनाओं की जानकारी
महिला कल्याण विभाग द्वारा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
निराश्रित महिला पेंशन योजना
वृद्धा पेंशन योजना
दिव्यांग पेंशन योजना
प्रधानमंत्री सामूहिक विवाह योजना
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर योजना के बारे में भी अवगत कराया गया। यह केंद्र महिलाओं को हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श सहायता प्रदान करता है।
साथ ही विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई—
181 – महिला हेल्पलाइन
112 – आपातकालीन सेवा
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
1090 – महिला पावर लाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
इन नंबरों का उद्देश्य संकट की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराना है।
अधिकारियों और स्टाफ की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अर्चना राय, जेंडर स्पेशलिस्ट राखी राय, तृप्ति राय, शहबाज़ अली तथा अस्पताल के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बेटियों का जन्म उत्सव का विषय है और उन्हें समान अधिकार एवं अवसर मिलना चाहिए। महिला सशक्तिकरण की दिशा में यह पहल समाज में जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो समाज में बालिका के प्रति दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
निष्कर्ष
जिला अस्पताल में आयोजित जिला अस्पताल कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम ने न केवल नवजात बेटियों के परिवारों को सम्मानित किया, बल्कि सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाने का कार्य भी किया। मिशन शक्ति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत किया गया यह आयोजन महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
बेटियां राष्ट्र की धरोहर हैं। उनका सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में नई सोच और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

rkpnews@somnath

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