गोंदिया (राष्ट्र की परम्परा)l अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक टैरिफ नीतियों ने वैश्विक व्यापार संतुलन को हिला दिया है। इसके बीच एशिया में रूस-चीन-भारत (आरसीआई) का नया त्रिकोण उभरता दिखाई दे रहा है। हाल ही में चीनी विदेश मंत्री का भारत दौरा, भारतीय विदेश मंत्री की मॉस्को यात्रा और प्रधानमंत्री के बीजिंग दौरे की संभावनाएँ इस त्रिकोण को मजबूत आधार देती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और यूरोप पर अत्यधिक निर्भरता से बचने के लिए भारत अब बहुस्तरीय साझेदारी की ओर बढ़ रहा है। वहीं, चीन अमेरिकी व्यापार युद्ध से निकलने और रूस पश्चिमी प्रतिबंधों से उबरने के लिए एशियाई सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।अगर यह गठबंधन आकार लेता है तो यह न केवल अमेरिका के टैरिफ वार का जवाब होगा बल्कि बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की नई धुरी बन सकता है।
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