उतरौलाबलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)
विकास खंड रेहरा बाजार के ग्राम पंचायत इटई अब्दुल्लाह के पास स्थित कुआंनो नदी के गुलरेहवा घाट पर पक्के पुल का निर्माण न होने से ग्रामीणों में गहरी निराशा है। इस क्षेत्र के लगभग 20 गांवों के लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए दुर्गम और खतरनाक रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। लकड़ी के अस्थायी पुल के सहारे ग्रामीण आवागमन करने को मजबूर हैं, जो वर्षा ऋतु में नदी में पानी के तेज बहाव के कारण बह जाता है। इससे गांवों का संपर्क लगभग पांच महीने तक पूरी तरह से टूट जाता है, जिससे लोगों की समस्याएं और भी बढ़ जाती हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पुल न बनने के कारण उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। उतरौला तहसील मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लोगों को 30 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। ग्रामीण रतिराम, बरकतुल्लाह, शफीक अहमद, मोहम्मद अतहर, हद्दीस, श्याम नारायण यादव, गंगाराम, राजेश कुमार वर्मा, मनोज कुमार, रामनिरंजन, योगेंद्र, प्रेमचंद, ओम प्रकाश चौहान, रमेश चौहान, राम उदार शुक्ला, नजीर अहमद, रियाज अहमद, आदिल और अन्य लोगों ने बताया कि पुल न होने से इटई अब्दुल्ला, घासीपोखरा, जखौली, सरायखास, दतलूपुर, अचलपुर चौधरी, मनुवागढ़, भिरवा, नेवादा, नथईपुर कानूनगो, लौकियां ताहिर, कुरथुआ खानपुर, मद्दोघाट, गोकुलबुजुर्ग आदि गांवों के करीब 30 हजार लोग अपनी जान जोखिम में डालकर लकड़ी के पुल से यात्रा करते हैं।
इन गांवों के लोगों को तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। राजेश जायसवाल, पतिराम, पंकज मिश्र, मल्हू, सईद अहमद, रक्षाराम, शकील अहमद ने बताया कि पुल के निर्माण न होने से इस क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या के समाधान की कोई पहल नहीं की है, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
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