संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। दिनमान की काल गणना के अनुसार 22 दिसम्बर, शुक्रवार को साल का सबसे छोटा दिन 10 घंटा 10 मिनट और सबसे लम्बी रात 13 घंटा 50 मिनट की होगी। सौर काल गणना (सायन) के अनुसार इस दिन सूर्य धनु राशि के अन्तिम ऋतु, अयन एवं का आधार सायन बिन्दु पर रहता है और इस दिन के बाद दिन बड़ा होने लगता है।
सायन पद्धति में मकर संक्रांति 22 या 23 सितंबर को ही आता है। जबकि निर्णय पद्धति मे इसे 14 जनवरी को माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि सूर्य के उत्तरायण का आरंभ मकर संक्रांति से होता है। शिशिर ऋतु और उत्तरायण का आरंभ सायन पद्धति में 22 या 23 दिसम्बर से माना जाता है। धर्म और मुहूर्त शास्त्र में धनु संक्रान्ति की समाप्ति पर अर्थात 14 या 15 जनवरी से माना जाता है लेकिन सूर्य आधारित ( सायन पद्धति) गणना से यह 22 या 23 दिसम्बर गोल परिवर्तन संक्रांति है ही आता है। उन्होंने बताया कि हमारे वहां गणना दो पद्धति से प्रचलित है। एक सायन पद्धति दूसरा निर्णय पद्धति। जबकि स्नान, दान और पुण्यकर्म, मलमास और अधिकमास आदि का निर्णय निर्णय पद्धति से किया जाता है। सायन पद्धति की गणना में मकर संक्रांति अर्थात उत्तरायण का आरंभ 22 दिसम्बर से ही होता है। इसी दिन के बाद क्रमशः दिन बड़े होने लगते हैं। इसलिए ज्योतिष में इस दिन का सर्वाधिक महत्व है और ऋतु, अयन एवं गोल परिवर्तन का आधार सायन संक्रांति है।
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