‘दास्तानगोई: अज़ीज़नबाई’ में इतिहास, संगीत और रंगमंच का संगम
मगहर/संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। संत कबीर मगहर महोत्सव-2026 के सांस्कृतिक मंच पर स्वतंत्रता आंदोलन की अनसुनी दास्तान जीवंत होने जा रही है। 1857 की क्रांति की पृष्ठभूमि पर आधारित म्यूजिकल ड्रामा ‘दास्तानगोई: अज़ीज़नबाई’ के माध्यम से लखनऊ की तहज़ीब, तवायफों की दुनिया और आज़ादी के संघर्ष को दास्तानगोई की पारंपरिक शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।
सृजन वेलफेयर सोसायटी द्वारा प्रस्तुत इस नाट्य कृति की लेखिका अरशाना अजमत हैं, जबकि इसका संपूर्ण निर्देशन रंगमंच कलाकार एवं फिल्म अभिनेत्री डॉ. सीमा मोदी ने किया है। मंच पर किस्सागो के रूप में सौम्या आदित्री और सीमा मोदी स्वयं मौजूद रहेंगी। किस्सागोई के साथ नाट्य दृश्यों, संगीत और नृत्य का संयोजन इस प्रस्तुति को एक प्रभावशाली म्यूजिकल ड्रामा का रूप देता है।
नाटक में 1857 के गदर, क्रांतिकारी तात्या टोपे, सामाजिक बदलाव और उस दौर के संघर्ष को संवेदनशीलता के साथ पिरोया गया है। देशभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से ओतप्रोत यह प्रस्तुति दर्शकों को इतिहास से जोड़ते हुए भावनात्मक अनुभव प्रदान करेगी।
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यह सांस्कृतिक कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे से मगहर महोत्सव परिसर के मुख्य मंच पर आयोजित होगा। प्रस्तुति में डॉ. सीमा मोदी, सौम्या आदित्री, कैफ़ अली, आयुषी गुप्ता, मनु आनंद, सुब्रत त्रिपाठी, सत्यम सिंह राजपूत, प्रांजल और अभिषेक शर्मा की सहभागिता रहेगी। सृजन शक्ति वेलफेयर सोसाइटी, लखनऊ द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम मगहर महोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण होगा।
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