दरभंगा सीएचसी में कैदी ने मचाया हड़कंप, मेडिकल जांच के दौरान अंडरग्राउंड नाले में कूदकर छिपा
दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।दरभंगा के लहेरियासराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चोरी के मामले में गिरफ्तार एक कैदी मेडिकल जांच के दौरान पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से सटे अंडरग्राउंड नाले में कूद गया। इस अप्रत्याशित घटना ने न सिर्फ अस्पताल परिसर में दहशत फैला दी, बल्कि पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लहेरियासराय थाना पुलिस दो कैदियों इफ्तिखार अहमद और मोहसिन कुरैशी को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी लेकर पहुंची थी। जांच की प्रक्रिया चल ही रही थी कि अचानक इफ्तिखार अहमद ने मौके का फायदा उठाया। हथकड़ी ढीली होने का लाभ उठाते हुए वह पुलिस को चकमा देकर अस्पताल के बगल में बने अंडरग्राउंड नाले में छलांग लगा गया और भीतर जाकर छिप गया।
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घटना की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मियों में भय का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और नाले के सभी संभावित मुहानों की घेराबंदी कर दी गई। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, ताकि कैदी किसी अन्य रास्ते से फरार न हो सके।
पुलिस लगातार नाले में छिपे कैदी को बाहर निकलने के लिए समझाने-बुझाने का प्रयास करती रही। पुलिसकर्मियों ने उसे अपील की कि वह स्वयं बाहर आ जाए, क्योंकि अंधेरे और गंदगी से भरे नाले में छिपे रहना उसकी जान के लिए खतरा बन सकता है। काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस की सूझबूझ और सतर्कता से आखिरकार कैदी इफ्तिखार अहमद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उसके बाहर आते ही पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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पीएचसी प्रभारी डॉ. तारिक मंजर ने बताया कि हथकड़ी ढीली हो जाने के कारण कैदी भागने में सफल हुआ। वहीं लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इफ्तिखार अहमद चोरी के मामले में गिरफ्तार था। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद दोनों कैदियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह घटना यह दर्शाती है कि थोड़ी-सी लापरवाही किस तरह बड़ी चुनौती बन सकती है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर कैदियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर देती है।
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