हिंदी सिनेमा को नई पहचान देने वाले निर्माता की यादें आज भी ज़िंदा हैं

यश जौहर पुण्यतिथि विशेष

मुंबई। (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक यश जौहर की आज पुण्यतिथि है। 26 जून 2004 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा था, लेकिन उनका सिनेमा आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने न सिर्फ दिल छू लेने वाली कहानियां पर्दे पर उतारीं, बल्कि उभरते सितारों को तराशकर उन्हें नई पहचान भी दी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

यश जौहर का जन्म 6 सितंबर 1929 को ब्रिटिश शासन के दौरान लाहौर (पंजाब) में हुआ था। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया, जहां उनके पिता ने ‘नानकिंग स्वीट्स’ नाम से मिठाई की दुकान खोली। यश जौहर को दुकान के हिसाब-किताब का काम सौंपा गया, लेकिन उनका मन इस काम में नहीं लगा। उनकी मां ने उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे बंबई जाकर अपनी पसंद की जिंदगी जिएं — और यही सलाह उनकी तकदीर बदलने वाली साबित हुई।

फिल्मों की दुनिया में कदम

1952 में उन्होंने फिल्मी सफर की शुरुआत सुनील दत्त के प्रोडक्शन हाउस ‘अजंता आर्ट्स’ से की। इसके बाद वे देवानंद की ‘नवकेतन फिल्म्स’ से जुड़ गए, जहां उन्होंने गाइड, ज्वैल थीफ, प्रेम पुजारी, हरे रामा हरे कृष्णा जैसी सुपरहिट फिल्मों में सह-निर्माता की भूमिका निभाई।

धर्मा प्रोडक्शंस की नींव

यश जौहर ने 1976 में ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ की स्थापना की, जिसने अग्निपथ, गुमराह, डुप्लिकेट, कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी ग़म और कल हो न हो जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों को जन्म दिया।

व्यक्तिगत जीवन और अंतिम समय

यश जौहर एक संवेदनशील, सृजनशील और विनम्र व्यक्तित्व के धनी थे। वे नए कलाकारों को मंच देने में विश्वास रखते थे। उन्हें चेस्ट इन्फेक्शन और कैंसर से लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। 26 जून 2004 को मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली।

विरासत आज भी जीवित है

उनके बेटे करण जौहर ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाया और आज धर्मा प्रोडक्शंस भारत की सबसे सफल प्रोडक्शन कंपनियों में गिनी जाती है। यश जौहर भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका काम और योगदान हमेशा अमर रहेगा।

Editor CP pandey

Recent Posts

योगी सरकार का एक्शन, पुलिस विभाग में व्यापक फेरबदल

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य…

7 hours ago

“रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण: बदलते भारत की नई तस्वीर”

नारी शक्ति का उभार: हेड कांस्टेबल रेवती की बहादुरी और महिला आरक्षण की ऐतिहासिक पहल…

8 hours ago

पांच दिन से लापता व्यक्ति की हत्या, सिर और धड़ अलग-अलग जगह मिले

बगहा में दिल दहला देने वाली वारदात, अधेड़ की हत्या कर शव के दो टुकड़े…

8 hours ago

फीस मनमानी पर सख्ती: अब 5 साल का हिसाब देना होगा, अभिभावकों को मिलेगी राहत

विद्यालयों में फीस पारदर्शिता को लेकर सख्त निर्देश, त्रिसदस्यीय समिति करेगी जांच महराजगंज (राष्ट्र की…

9 hours ago

नवमनोनीत सभासदों ने ली शपथ, विकास का लिया संकल्प

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के नगर पंचायत मगहर में गुरुवार दोपहर शासन…

9 hours ago

तीन राज्यों में मतदान का जोश, असम-पुडुचेरी में 80% से ज्यादा वोटिंग

केरल, असम और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, लोकतंत्र के पर्व में दिखा जबरदस्त उत्साह नईदिल्ली…

9 hours ago