असम-केरल-पुडुचेरी में चुनावी जंग तेज, जनता कर रही फैसला
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा) देश के तीन महत्वपूर्ण राज्यों—केरल, असम और पुडुचेरी—में आज गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में मतदान शुरू हो गया। सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया आरंभ हुई और शुरुआती घंटों में ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला। तीनों राज्यों की कुल 296 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जिनमें असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटें शामिल हैं। इन चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
सुबह 9 बजे तक मिले आंकड़ों के अनुसार, असम में 17.87 प्रतिशत, केरल में 16.23 प्रतिशत और पुडुचेरी में 17.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें दिखाई दीं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों की जागरूकता और भागीदारी को दर्शाती हैं।
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तिरुवनंतपुरम के एक मतदान केंद्र पर वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि हर नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करना चाहिए।
असम में चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। यहां कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 2.50 करोड़ मतदाता करेंगे। इनमें 1.25 करोड़ महिला मतदाता भी शामिल हैं। राज्यभर में 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लोगों से मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि “बेहतर असम के निर्माण में हर वोट महत्वपूर्ण है।”
केरल में भी चुनावी हलचल चरम पर है। राज्य में कुल 883 उम्मीदवार मैदान में हैं और 2.71 करोड़ मतदाता उनके राजनीतिक भविष्य का फैसला करेंगे। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रतन यू केलकर के अनुसार, 30,495 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 1.46 लाख चुनाव कर्मियों और 76 हजार से अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मदम सीट के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेने की अपील की।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी असम, केरल और पुडुचेरी के मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की। उन्होंने विभिन्न भाषाओं—असमिया, मलयालम और तमिल—में संदेश जारी कर विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को मतदान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र का उत्सव है और इसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
तीनों राज्यों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। चुनाव आयोग ने भी सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
लोकतंत्र के इस महापर्व में जनता का जोश और भागीदारी यह संकेत दे रही है कि मतदाता अपने अधिकार और जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह सजग हैं। अब सभी की नजरें 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
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