(आजमगढ से दीपक भारती की रिपोर्ट)
आजमगढ़(राष्ट्र की परम्परा) लालगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम कूबा खास का माहौल सोमवार को उस समय गम और शोक में डूब गया, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के वीर जवान इंद्रमनी राम का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा। जवान के घर पहुंचते ही पत्नी, बेटा, बेटी और परिजनों के विलाप से पूरा गांव दहाड़ों और चीख-पुकार से गूंज उठा। हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कूबा खास निवासी इंद्रमनी राम (मुख्य आरक्षक, जी.डी.), 76वीं बटालियन सीमा सुरक्षा बल में तैनात थे। 31 जुलाई को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गुजरात के गांधीनगर स्थित सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
जवान का पार्थिव शरीर एयर इंडिया की उड़ान से अहमदाबाद से वाराणसी लाया गया और वहां से वाहन द्वारा पैतृक आवास पहुंचाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, पत्नी विद्या देवी दहाड़ मारकर रोने लगीं, बेटा लकी कुमार और बेटी चांदनी कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीण और रिश्तेदार भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
इस दौरान शोक व्यक्त करने के लिए एसडीएम न्यायिक नूपुर सिंह, सीओ लालगंज भूपेश पांडेय, तहसीलदार उमेश सिंह, थाना प्रभारी मेहनाजपुर, भाजपा नेता डब्बू सिंह, बसपा की जिला पंचायत सदस्य डॉ. गीता देवी, सपा के कार्यकर्ता सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। सभी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर अंतिम विदाई दी।
सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने अपने वीर साथी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। गगनभेदी सलामी के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा रहा और लोगों के बीच यही चर्चा रही कि देश सेवा में लगे इस वीर सपूत का जाना गांव और परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
बेटी चांदनी कुमारी की आंखों से छलकते शब्द
“पापा हमेशा कहते थे, देश सेवा सबसे बड़ा धर्म है। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि वो इस तरह लौटेंगे। मैं गर्व भी करती हूं और टूट भी गई हूं।”
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