सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक बलिया के निर्देशन में मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत थाना सिकंदरपुर पुलिस टीम ने महिलाओं और बालिकाओं के बीच महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा जनजागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सुरक्षा के प्रति सजग बनाना है।
मिशन शक्ति के तहत जनजागरूकता अभियान
सिकंदरपुर पुलिस टीम ने स्थानीय विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और ग्राम सभाओं में जाकर महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में महिला आरक्षी गरिमा शुक्ला और कल्पना ने कहा कि —
“महिलाओं की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, परंतु महिलाओं को खुद भी सतर्क और जागरूक रहना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल 112, 1076, 1090, 1098, 102 या 108 पर संपर्क कर मदद प्राप्त की जा सकती है।
साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जानकारी
पुलिस टीम ने महिलाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश पर भरोसा न करें।
यदि कोई संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी
अभियान के दौरान छात्राओं और महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई, जिनमें प्रमुख हैं —
महिला हेल्पलाइन (1090), कन्या सुमंगला योजना वन स्टॉप सेंटर, महिला सहायता डेस्क
इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना है।
सिकंदरपुर पुलिस का संदेश
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि —
“महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान तभी संभव है जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाए।”
इस जनजागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से सिकंदरपुर पुलिस ने समाज में आत्मरक्षा, आत्मविश्वास और नारी सम्मान का मजबूत संदेश दिया।
