हवन-तुलादान संग श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का समापन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
घटैला चेती गांव में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञानयज्ञ का समापन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्य यजमान सूर्य नारायण द्विवेदी का सपत्नीक तुलादान करते हुए देव शैय्यादान किया गया। अंत में यज्ञ कुंड में आहुति डालते हुए श्रदालुओं ने पूर्णाहुति की। जहां श्रद्धालुओं से लगाए गए जयघोष से माहौल भक्तिमय हो उठा। साथ ही श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
कथा वाचक आचार्य सूर्य नारायण शुक्ल ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि सुदामा भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। जो गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा से बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश हैं, उनसे जाकर मिलो शायद वह हमारी मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राम्हण आया है। कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौङकर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगा लेते हैं। उनकी दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से अश्रुओं की धारा प्रवाहित होने लगती है। सिंघासन पर बैठाकर कृष्ण जी सुदामा के चरण धोते हैं। सुदामा विदा लेकर अपने स्थान लौटते हैं तो भगवान कृष्ण की कृपा से अपने यहां महल बना पाते हैं लेकिन सुदामा जी अपनी फूंस की बनी कुटिया में रहकर भगवान का सुमिरन करते हैं। उन्होंने कहा कि शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया। यज्ञाचार्य आचार्य मृत्युंजय कृष्ण शास्त्री ने मंत्रोच्चार से यज्ञ कराया। इस अवसर पर मुख्य यजमान सूर्य नारायण द्विवेदी, मालती द्विवेदी, इंद्रजीत उपाध्याय, विष्णु उपाध्याय, अंकुर पांडेय, संतोष द्विवेदी, रत्नेश द्विवेदी, संतोष उपाध्याय, अनुपमा उपाध्याय, संकल्प उपाध्याय, बृजेश दुबे, शशिभूषण चौबे ने श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती उतारी। कथा में मुख्य यजमान सूर्य नारायण द्विवेदी, मालती द्विवेदी, संतोष द्विवेदी, रत्नेश द्विवेदी, रामकुमार दूबे, विजय प्रताप तिवारी, संतोष उपाध्याय, अनुपमा उपाध्याय, आर्या द्विवेदी, सांभवी उपाध्याय, दिव्या द्विवेदी, शशिप्रभा द्विवेदी, वंदना दूबे, अर्चना तिवारी, दुर्गा मिश्रा, अभय तिवारी, प्रांजल दूबे, शुभम तिवारी, आशुतोष सिंह, आशुतोष द्विवेदी, हर्ष द्विवेदी, अनुराग तिवारी, रुदल गोंड, प्रतीक दूबे, विनोद यादव, दिनेश चौहान, श्रीप्रकाश पांडेय, डॉ. हरिनारायण त्रिपाठी, सुरेश पांडेय आदि रहे।

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