दोहा/वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका ने कतर के अल उदैद एयर बेस पर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को मोबाइल ट्रक लॉन्चर्स पर तैनात कर दिया है। जनवरी 2026 से ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है। हालिया सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइलों को ट्रकों पर माउंट कर उनकी मोबिलिटी बढ़ा दी है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत किसी भी स्थान पर शिफ्ट किया जा सके।
अल उदैद एयर बेस अमेरिका का मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना है, जहां से पूरे क्षेत्र में ऑपरेशंस संचालित होते हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सैटेलाइट इमेज प्लैनेट लैब्स द्वारा जारी की गई हैं। 17 जनवरी 2026 और 1 फरवरी 2026 की तस्वीरों की तुलना में दिखा कि पैट्रियट सिस्टम अब M983 HEMTT ट्रकों पर लगाए गए हैं, जबकि पहले वे सेमी-स्टैटिक लॉन्चर्स पर थे।
1 फरवरी की तस्वीरों में कम से कम 10 MIM-104 पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम ट्रकों पर तैनात दिखाई दिए। इसके अलावा बेस पर सैन्य विमान भी बढ़े हैं, जिनमें RC-135 रेकॉनिसेंस प्लेन, C-130 हर्क्यूलिस, KC-135 स्ट्रैटोटैंकर और C-17 ग्लोबमास्टर शामिल हैं।
फॉरेंसिक इमेज एनालिस्ट विलियम गुडहिंद के अनुसार, ट्रकों पर मिसाइल तैनात करने से पैट्रियट सिस्टम की मोबिलिटी काफी बढ़ गई है। अगर ईरान हमला करता है तो इन्हें तुरंत दूसरी जगह ले जाकर डिफेंसिव पोजिशन में बदला जा सकता है। यह कदम अमेरिका की बढ़ती सैन्य तैयारी को दर्शाता है।
जनवरी 2026 से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। वहीं, 2025 में इजराइल और ईरान के बीच हुए दो हफ्तों के संघर्ष में अमेरिका भी शामिल हुआ था।
ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो क्षेत्र में मौजूद किसी भी अमेरिकी बेस को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के पास तेहरान, केरमानशाह और गल्फ कोस्ट के पास अंडरग्राउंड मिसाइल कॉम्प्लेक्स मौजूद हैं।
जॉर्डन, सऊदी अरब, ओमान और डिएगो गार्सिया समेत कई ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। सैटेलाइट तस्वीरों में F-15E, A-10, C-130, C-17 और C-5 जैसे विमान दिखाई दिए हैं। वहीं ईरान की तरफ से IRIS शाहिद बागेरी ड्रोन कैरियर भी सक्रिय दिखा है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पेंटागन ने अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिप्लॉयमेंट अमेरिका की डिफेंसिव और स्ट्राइक रेडीनेस को बढ़ाता है, लेकिन क्षेत्र में युद्ध का खतरा भी बढ़ा सकता है।
ये भी पढ़े – देवरिया में वित्तीय साक्षरता मेगा कैंप आयोजित
Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2026/01/earthquake-engineering-structural.html?m=1
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल…
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। संसद सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने…
देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)l दिव्यांगजन सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दिव्य…
औरैया (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के किसानों, पशुपालकों और कृषि उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण…
सिकन्दरपुर /बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l अद्वैत शिवशक्ति परमधाम परिसर, इहा बिहरा में महाशिवरात्रि के पावन अवसर…
ईओ ने नगर की साफ सफाई का दिया आश्वासन मऊ (राष्ट्र की परम्परा)शिवरात्रि के आगामी…