क्रिटिकल मिनरल्स बैठक के लिए अमेरिका जा सकते हैं एस. जयशंकर

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर अगले सप्ताह अमेरिका के दौरे पर जा सकते हैं, जहां वह क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक में हिस्सा लेंगे। यह उच्चस्तरीय बैठक वॉशिंगटन डीसी में आयोजित होगी और इसकी मेजबानी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो करेंगे। यह पहली बार होगा जब इस मंच पर इतने बड़े स्तर पर देशों के विदेश मंत्री एक साथ जुटेंगे।

बैठक से इतर एस. जयशंकर और मार्को रूबियो के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि बातचीत में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम विषय शामिल हो सकते हैं।

क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन पर फोकस

क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल बैठक का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर के देशों को एक मंच पर लाकर अहम खनिजों की सुरक्षित और भरोसेमंद सप्लाई चेन विकसित करना है। इन खनिजों में लिथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे संसाधन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सिस्टम्स में किया जाता है।

ये भी पढ़ें – देवरिया में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, स्कॉर्पियो समेत 90 लीटर देशी शराब बरामद

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर तनाव

यह हाई-लेवल मीटिंग ऐसे समय पर हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में एस. जयशंकर का प्रस्तावित दौरा दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित मुलाकात पर भी चर्चा हो सकती है। अगर विदेश मंत्री का यह दौरा होता है, तो इसे भारत-अमेरिका संबंधों में मनमुटाव खत्म होने का स्पष्ट संकेत माना जाएगा।

यूरोपियन यूनियन के साथ FTA के बाद अहम दौरा

एस. जयशंकर का यह दौरा ऐसे वक्त में संभावित है, जब भारत ने हाल ही में यूरोपियन यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया है। यह समझौता अमेरिकी दबाव के बीच रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

इस एफटीए से भारतीय कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में प्राथमिकता से पहुंच मिलेगी। इससे ‘मेड इन इंडिया’ मेडिकल उपकरणों पर टैरिफ घटेगा, साथ ही रसायन, उर्वरक, दवाएं, कॉस्मेटिक, साबुन और डिटर्जेंट जैसे सेक्टरों में तेजी से विकास होगा। इसके अलावा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और एमएसएमई क्लस्टर्स के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/2025/10/compass-survey-200-jeae-200-je-ae.html?m=1#google_vignette

Karan Pandey

Recent Posts

घसा कल्याणपुर में पोषाहार वितरण की दोबारा जांच, लाभार्थियों के दर्ज किए गए बयान

15 लाभार्थियों ने नियमित राशन नहीं मिलने की कही बात, जांच रिपोर्ट के आधार पर…

3 hours ago

देवरिया जीआरपी की बड़ी कार्रवाई: अवैध अंग्रेजी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार

रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 से बिहार ले जाई जा रही 17.280 लीटर अवैध…

16 hours ago

दीक्षोत्सव में रोमांचक खो-खो मुकाबला, यूनिवर्सिटी कैंपस टीम बनी चैंपियन

फिजिकल एजुकेशन टीम को 6 अंक और एक टर्म से हराकर जीता खिताब गोरखपुर (राष्ट्र…

20 hours ago

तीन साल बाद फिर गरमाया बागापार सहकारी समिति की जमीन का विवाद

ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार, बोले- पुलिस चौकी हटाकर समिति को लौटाई जाए भूमि।…

20 hours ago

गोरखपुर जोन पुलिस फुटबॉल टीम बनी चैंपियन जीता गोल्ड मेडल

74वीं अंतरजोनल प्रतियोगिता 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन डीजी जोन/एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने दी…

20 hours ago

कलेक्ट्रेट सभागार में नशा तस्करी व अपराध नियंत्रण पर मंथन

एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कस्टम, नारकोटिक्स व अन्य विभागों को सख्त निर्देश…

21 hours ago