राम मंदिर ट्रस्ट जाएगा सुप्रीम कोर्ट, ऐतिहासिक सबूतों और दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपी मांगेगा


अयोध्या (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े अहम घटनाक्रम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट का रुख करने जा रहा है। ट्रस्ट शीर्ष अदालत से उन ऐतिहासिक सबूतों और दस्तावेजों तक पहुंच की मांग करेगा, जिनके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह कदम राम मंदिर मामले से संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड को औपचारिक रूप से प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक अनुरोध करेगा ट्रस्ट

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट में एक औपचारिक अनुरोध दाखिल करेगा। इस अनुरोध के जरिए ट्रस्ट उन सभी दस्तावेजों और ऐतिहासिक साक्ष्यों की सर्टिफाइड कॉपी मांगेगा, जिन पर अदालत ने अपने फैसले में भरोसा किया था।

उन्होंने कहा कि ये सभी सामग्री न्यायिक रिकॉर्ड का हिस्सा थीं और वर्षों तक चले मुकदमे की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई थीं।

ये भी पढ़ें – ISRO के 7 बड़े प्रक्षेपण मिशन: मार्च 2026 तक मानवरहित गगनयान समेत कई अहम लॉन्च करेगा इसरो

पत्र लिखकर करेगा दस्तावेज जारी करने का आग्रह

नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट को एक औपचारिक पत्र लिखकर राम मंदिर मामले से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का आग्रह करेगा। इसका उद्देश्य ऐतिहासिक दस्तावेजों को संरक्षित करना और भविष्य के लिए आधिकारिक रूप से संकलित करना है।

2019 के फैसले से खुला था राम मंदिर निर्माण का रास्ता

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में दिए गए अपने ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ जमीन रामलला को राम मंदिर निर्माण के लिए सौंपने का आदेश दिया था।
इस फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

ये भी पढ़ें – नितिन नबीन बने भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष

Karan Pandey

Recent Posts

जॉय बरुआ ने अंतरिक्ष तक पहुंचाया असम का संगीत, रानी मुखर्जी से नानी तक इन खबरों ने बटोरी सुर्खियां

अंतरिक्ष से सिनेमा तक छाया भारतीय हुनर, जॉय बरुआ की वैश्विक उड़ान से लेकर बॉलीवुड…

2 hours ago

पूजा में कौन-सी बाती जलाएं? रुई और कलावे की बाती को लेकर जानें सनातन परंपरा

रुई या कलावे की बाती—कब और किस पूजा में जलाएं? जानिए धार्मिक मान्यताएंलेखक : पंडित…

3 hours ago

स्मार्टफोन से ऊबे युवा! लौट आया पुराना जमाना, वायर्ड ईयरफोन और MP3 प्लेयर की बढ़ी दीवानगी

डिजिटल दुनिया से दूरी की नई कहानी: स्मार्टफोन के दौर में पुराने गैजेट्स की वापसी,…

3 hours ago

हजार साल पुराना बृहदेश्वर मंदिर और कल्कि मंदिर का रहस्य, आस्था से वास्तुकला तक अनोखी कहानी

रहस्यमयी मंदिरों की अद्भुत गाथा: बृहदेश्वर के वास्तु-विस्मय से कल्कि मंदिर की दिव्य मान्यता तक…

3 hours ago

मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, चार राशियों को करियर-धन में मिल सकते हैं शुभ संकेत

मंगलग्रह AI निर्मित (राष्ट्र की परम्परा)। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल के साथ उनके…

7 hours ago

सपा-कांग्रेस में सीटों का पेच! 403 सीटों पर तैयारी ने बढ़ाई सियासी हलचल

60-70 बनाम 105 सीटों की चर्चा के बीच बड़ा सवाल, क्या यूपी में अलग राह…

7 hours ago