बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
नवानगर ब्लॉक के किशोर चेतन ग्रामसभा में स्थित सार्वजनिक शौचालय पिछले लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। ग्राम प्रधान योगेंद्र राजभर के पूरे कार्यकाल में यह शौचालय मात्र छह माह ही संचालित हो सका, उसके बाद से हमेशा ताले में जकड़ा हुआ है। सरकार की मंशा थी कि कोई भी व्यक्ति खुले में शौच के लिए न जाए, इसी उद्देश्य से प्रत्येक गांव में सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए थे, किंतु जिम्मेदारों की लापरवाही से यह योजना धरातल पर असफल साबित होती दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय केवल दिखावे के लिए बना हुआ है। छठु राजभर, भीम राजभर, रामाज्ञा राजभर, राजकुमारी, सुमन राजभर, शुका सहित अन्य ग्रामीणों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि शौचालय का ताला कभी नहीं खुलता। मजबूरन उन्हें खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, जिससे स्वच्छता अभियान की मंशा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा प्रत्येक सार्वजनिक शौचालय की देखरेख हेतु समूह को प्रति माह 6000 रुपये मजदूरी और 3000 रुपये साफ-सफाई सामग्री के लिए प्रदान किए जाते हैं। इसके बावजूद शौचालय बंद रहना भ्रष्टाचार और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।
इसे भी पढ़ें – निर्वासित शेख हसीना का बड़ा बयान: बांग्लादेश लौटने की शर्तें रखीं, यूनुस सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और शौचालय को शीघ्र चालू कराया जाए, ताकि स्वच्छ भारत मिशन की भावना साकार हो सके। ए.डी.ओ. पंचायत नवानगर मनोज यादव ने बताया कि संबंधित सचिव से बात कर इस समस्या का समाधान जल्द कराया जाएगा।
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कथित चुनावी अनियमितताओं, मतदाता सूची में गड़बड़ी और विशेष…
पेंशनरों के हक पर नहीं चलेगी कैंची! आठवें वेतन आयोग में भेदभाव के खिलाफ देवरिया…
1,796 विद्यार्थियों में अव्वल रहीं मीरा ठक्कर, अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में गुजरात में पहला…
‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में तीन विजेता सम्मानित, सोलर चार्जर और ईवी मॉडल ने खींचा…
फोटो प्रेस विज्ञप्ति आगरा में एक्शन मोड में DM मनीष बंसल: बाजरे की पैदावार से…
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों और रेल कर्मचारियों को…