बहराइच ( राष्ट्र की परम्परा) । जिलाध्यक्ष एसपी सिंह का कहना है कि एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत इन दिनों वन महोत्सव मनाया जा रहा है हर किसी को पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है इसको मां से जोड़कर एक भावनात्मक रिश्ता कायम करने की कोशिश की जा रही है पौधारोपण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है लेकिन एक सवाल यह भी है की जो हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है उसके लिए भी हमें अभियान चलाना पड़ रहा है ऐसा क्यों है कारण हर कोई अपनी जिम्मेदारी से दूर भागता है हम जानते हैं। कि पेड़ पौधे हमें छाया देते हैं हरा भरा परिवेश देते हैं सबसे बड़ी बात यह है कि पेड़ पौधों से ही हमें ऑक्सीजन मिलती है ऑक्सीजन जीवन के लिए जरूरी है इसके बाद भी हम अपने सांसों की डोर को क्यों भूलते जा रहे हैं ।दरअसल हम विकास की दौड़ में सब कुछ खोते जा रहे हैं हम बड़ी-बड़ी इमारतें तो बना रहे हैं लेकिन किसी ने पौधरोपण के बारे में नहीं सोचा शहर में पार्कों की हालत देख लीजिए किसी से छिपी नहीं है दो पल सुकून की आस में लोग वहां पर जाते हैं लेकिन मन को शान्त नहीं मिलती है इसका जिम्मेदार कोई और नहीं हम और आप ही हैंअभी समय है हमें आपको हरित क्रांति लानी होगी इसके तहत अगर अधिक वृक्ष नहीं लगा सकते हैं तो कम से कम एक पेड़ अपनी मां के नाम और दूसरा अपने पिता के नाम अवश्य लगे जिससे कि पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बना रहे।
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