बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। नानपारा रेंज कार्यालय में विभिन्न समूह को बांस पर आधारित खेती को लेकर वन विभाग के अधिकारियों और प्रशिक्षकों की ओर से प्रशिक्षित किया गया। यह भी बताया गया की बांस से विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे खिलौने, डाल आदि का निर्माण का बाजार में अच्छी कीमत में बेचा जा सकता है। जिससे अधिक आय अर्जित की जा सकती है। यह भी बताया गया कि सरकार भी समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। शुक्रवार को बहराइच वन प्रभाग द्वारा ‘बांस की खेती तथा बांस आधारित उद्योग विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम का रेंज कार्यालय नानपारा स्थित सीएफसी मे सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यशाला मे प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच अजीत प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी नानपारा अश्विनी पाण्डेय, उप निदेशक कृषि बहराइच शिशिर वर्मा, उप खंड अधिकारी कृषि बहराइच, अध्यक्ष जिला सहकारी बैंक घनश्याम सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी नानपारा रशीद जमील, क्षेत्रीय वनाधिकारी नानपारा पीयूष गुप्ता, संजय श्रीवास्तव अध्यक्ष मुमकिन फाउंडेशन सहित कई ग्राम प्रधान, कृषक तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहे, कार्यशाला मे बांस की आर्थिक, सामाजिक, परिस्थितिक उपयोगिता की जानकारी,बांस की खेती को बढ़ावा देने, बांस के शिल्पकारों, उत्पादों के विपणन आदि को मजबूत करने के बारे मे विस्तृत चर्चा की गयी। इसके अलावा सी एफ सी स्थित मशीनों के संचालन का प्रशिक्षण भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओ को दिया गया।
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