कुशीनगर(राष्ट्र की परम्परा)
स्वच्छ भारत मिशन फेज 2 अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषयक एकदिवसीय, उन्मुखीकरण व कार्यशाला का आयोजन, जिला पंचायत रिसोर्स केंद्र रविन्द्र नगद धूस में किया गया। उक्त कार्यशाला में जिलाधिकारी रमेश रंजन व मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी शामिल हुए।
विदित हो कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अन्तर्गत ग्राम, पंचायतों में उनकी कार्ययोजना के अनुसार कार्यों को सुचारू व सुसंगत तथा गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराए जाने हेतु जनपद की 116 ग्रामों में, जिन्हें उनकी कार्ययोजना के अनुसार धनराशि निदेशालय से प्राप्त करायी जा चुकी है, उन विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पं०), खण्ड प्रेरक, ग्राम पंचायत सचिव,ग्राम प्रधान तथा नवनियुक्त कंसलटिंग इंजीनियर का प्रशिक्षण / कार्यशाला आयोजित की गयी ,जिसमें विकास खण्डों के खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (पं०), खण्ड प्रेरक, ग्राम पंचायत सचिव,ग्राम प्रधान तथा नवनियुक्त कंसलटिंग इंजीनियर के द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया गया।
जिलाधिकारी ने उपस्थित को संबोधित करते हुए कहा कि, गांव को स्वच्छ रखें। कचड़े के निस्तारण हेतु ई रिक्शा द्वारा लोगो के घर घर जाकर कचड़ा का एकत्रीकरण करें। सूखा व गीला कचड़ा को अलग अलग एकत्रीकरण व निस्तारण करें। हर ग्राम में न्यूनतम एक कचड़ा निस्तारण केंद्र हो। गांव में कई जगह कचड़े को ना फेंका जाए, बल्कि कचड़ा निस्तारण हेतु जगह का निर्धारण करें। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्वनिर्भर बनें, लोग स्वच्छता के अनुशासन का पालन करें। गांव में बच्चों के खेलने के लिए पार्क, युवाओं को दौड़ने के लिए मैदान व पुस्तकालय की व्यवस्था हो।
उक्त प्रशिक्षण को प्रदीप श्रीवास्तव, यूनिसेफ एवं महिम कुमार, स्टेट कन्सलटेन्ट, पंचायती राज निदेशालय, लखनऊ द्वारा प्रशिक्षण प्रदान की गयी।
यह कार्यशाला जिलाधिकारी की अध्यक्षता में, मुख्य विकास अधिकारी की उपस्थिति व कार्यशाला में उपायुक्त मनरेगा राकेश कुमार, उपायुक्त राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आर0 एस0 गौतम, जिला पंचायत राज अधिकारी, कुशीनगर अभय यादव, नन्द कुमार मिश्र व बबीता सिंह, जिला समन्वयक, कुशीनगर एवं कार्यालय जिला पंचायत राज अधिकारी के समस्त कर्मचारी गण उपस्थित थें।
