पहली बार हुई जनपद में अनूठी पहल
अधिकारियों को तीन श्रेणी में शिकायतों को श्रेणीबद्ध कर निस्तारण का दिया निर्देश
अनिवार्य रूप से फोन उठाएं अधिकारी व कर्मचारी–डीएम
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा द्वारा विद्युत विभाग से संबंधित जनशिकायतों की समीक्षा जिलाधिकारी कार्यालय में की गई।
जिलाधिकारी ने नई पहल करते हुए विभिन्न विभागों द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण का हाल जानने के लिए स्वयं अपना मोबाइल नंबर जारी कर लोगों से शिकायतों को आमंत्रित किया। इसकी शुरुआत उन्होंने विद्युत विभाग से जुड़ी शिकायतों को भेजने की अपील की साथ की। उनकी अपील पर 29 जुलाई को दिन भर में कुल 102 से ज्यादा शिकायत में प्राप्त हुईं।
प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में विद्युत विभाग के चारों संभागों के अधिशासी अभियंताओं एसडीओ और कनिष्ठ अभियंताओं के साथ रात 8:00 बजे समीक्षा बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने प्राप्त शिकायतों को तीन श्रेणियां में बांटकर प्रभावी निस्तारण का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो शिकायतें तत्काल निस्तारण योग्य हैं, जैसे बिजली तार का संयोजन, बिल सुधार, ट्रांसफार्मर बदलना आदि उनमें 24 घंटे के भीतर निस्तारण को सुनिश्चित करें। जिन प्रकरणों में तत्काल निस्तारण संभव नहीं है उनमें भी शिकायतकर्ता को प्रक्रिया से अवगत कराते हुए निस्तारण की संभावित समय सीमा के बारे में बताएं। यदि विभागीय अधिकारियों को किसी प्रकार की मांग आदि प्राप्त होता है, तो उनमें शीर्ष अधिकारियों को अवगत कराएं।
उन्होंने कहा कि जनता से फोन न उठने की प्राप्त हो रही शिकायतें बेहद गंभीर और अस्वीकार्य हैं। अधिकारी,कर्मचारी जनता का फोन अनिवार्यतः उठाना सुनिश्चित करें और उन्हें सही जानकारी दें। किसी भी दशा में अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत न मिले अन्यथा कठोर कार्यवाही किया जाएगा। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को संबंधित एक्सईएन को देते हुए 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अन्य विभागों के संदर्भ में भी इस प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। विभागवार तिथि निर्धारित करते हुए विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों को आमंत्रित किया जाएगा। जिलाधिकारी द्वारा व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक शिकायत पर संबंधित विभाग के साथ चर्चा की जाएगी और उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने समस्त विभागों को निर्देशित किया कि सभी लोग जनशिकायतों को गंभीरता से लें और उनका निस्तारण सुनिश्चित कराएं। अगर किसी कारणवश शिकायतकर्ता को राहत देना संभव नहीं है, तो उसकी उचित काउंसलिंग करने का प्रयास करें, जिससे शिकायतकर्ता अनावश्यक रूप से परेशान न हो। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री व शासन की मंशा है कि जन शिकायतों का निस्तारण प्रभावी व समयबद्ध तरीके से किया जाए और इसको सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जनपद में कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जन शिकायतों के निस्तारण को शीर्ष प्राथमिकता जिलाधिकारी ने बताया था। इसके लिए उनके द्वारा जनता दर्शन, संपूर्ण समाधान दिवस से भी सीधे शिकायतकर्ताओं से संवाद कर निस्तारण का हाल जानना शुरू किया। अब उनके द्वारा विभिन्न विभागों की शिकायत निवारण प्रणाली को बेहतर करने के दृष्टिगत स्वयं अपने स्तर पर शिकायतों मंगाने का निर्णय लिया गया है।
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