MSME पहल से पारंपरिक व्यवसायों को नई पहचान

कुशीनगर में विश्वकर्मा कारीगरों को मिला बड़ा अवसर, प्रशिक्षण व ऋण सुविधाओं से आत्मनिर्भरता की नई राह

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाज़ार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पीएम विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम कुशीनगर का सफल आयोजन विशुनपुरा विकास खंड सभागार में किया गया। यह कार्यक्रम एमएसएमई-विकास कार्यालय, कानपुर के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें जनपद के 100 से अधिक पारंपरिक कारीगरों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना से जोड़ते हुए उन्हें कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, टूलकिट, डिजिटल विपणन और तकनीकी सहायता की विस्तृत जानकारी देना था। इस अवसर पर गुड़िया व खिलौना निर्माता, सोनार, लोहार, बढ़ई, मोची, धोबी, नाई, दर्जी सहित अनेक पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगर उपस्थित रहे।

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पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाने की पहल
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक नीरज कुमार ने किया। स्वागत भाषण में अविनाश कुमार अपूर्व ने योजना की रूपरेखा बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार की यह पहल पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक व तकनीकी रूप से मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। योजना के तहत प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहयोग और विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
उद्योग विभाग और डिजिटल मार्केटिंग पर फोकस
सहायक आयुक्त उद्योग ए.के. सुमन ने योजना के लाभों के साथ राज्य सरकार की अन्य स्वरोज़गार योजनाओं की जानकारी दी और कारीगरों को अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उद्यमी डॉ. संजय भारती ने डिजिटल युग में ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया और ऑनलाइन भुगतान के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर कारीगर अपने उत्पाद देश-विदेश तक पहुंचा सकते हैं, जिससे आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

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बैंकिंग, डाक और प्रशिक्षण सहयोग
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक रोशन कुमार ने कम ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण, आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी। वहीं भारतीय डाक विभाग के प्रतिनिधि अमर कुमार ने उत्पादों की देशव्यापी डिलीवरी में डाक सेवाओं की भूमिका बताई।
डीपीएमयू कुशीनगर के मनीष राव ने कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से उत्पाद गुणवत्ता और बाज़ार मांग बढ़ने की जानकारी साझा की।

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योजना की प्रगति और उपलब्धियां
योजना समन्वयक नीरज कुमार ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि देशभर में निर्धारित लक्ष्य से पहले ही लाखों शिल्पकार योजना से जुड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में लाभार्थियों को प्रशिक्षण, ऋण और टूलकिट उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे हजारों परिवारों को स्थायी आजीविका मिली है।
कार्यक्रम के अंत में अमरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम विश्वकर्मा योजना जागरूकता कार्यक्रम कुशीनगर पारंपरिक कारीगरों के लिए रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन रहा है।

Editor CP pandey

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