रेल महा प्रबंधक से मिल प्रतिनिधि मंडल सहित ठहराव के वादे के साथ सात दिन के धरना सभा को आखिरी दिन किए थे संबोधित: सांसद
भाटपार रानी देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
बनकटा रेलवे स्टेशन पर करोना काल से पूर्व की भांति ट्रेन ठहराव बहाल को सात दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ था जो क्षेत्र के लोक प्रिय सांसद सलेमपुर रमाशंकर विद्यार्थी ने धरने के आखिरी दिन मंच को संबोधित किया था एवं अपने संबोधन में उनके द्वारा स्थानीय पत्रकार सहित पांच लोगों के डेलिगेशन को डीआरएम/रेल महा प्रबंधक से स्वयं मिलवा कर ट्रेन ठहराव कराए जाने हेतु आश्वासन धरने में शामिल लोगों को दिया था। प्राप्त समाचार एवं दूरभाष पर हुई पत्रकार वार्ता के क्रम में सांसद सलेमपुर रमाशंकर विद्यार्थी ने पत्रकार बृजेश मिश्र से 19 नवंबर मंगलवार को समय 11,30 पर रेल महा प्रबंधक से मुलाकात हेतु समय लिया गया है।जो उनके वादे के मुताबिक है।सांसद सलेमपुर द्वारा स्वयं सहित 6 सदस्य के प्रतिनिधि मंडल में जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अभिजीत यादव,पत्रकार अजीत पांडेय राष्ट्र की परम्परा गोरखपुर, सत्यम पांडेय निर्वाण टाइम्स बनकटा, समाज सेवी ग्राम प्रधान बंजरिया/बनकटा विद्यासागर, एवं बभनौली ग्राम सभा से दीपक गौड़ शामिल हैं। बताते चलें यह धरना प्रदर्शन बनकटा रेलवे स्टेशन पर अनवरत सात रोज तक समाज सेवी दयानंद भाई के नेतृत्व में चला था जो कि स्थानीय लोग उम्मीद भरी नजरों से देखते रहे थे।क्षेत्र के जनता की लम्बे समय से मांग रही है।महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां करोना काल के पूर्व में मौर्य एक्सप्रेस, बरौनी ग्वालियर ट्रेन ठराव होती भी रही है।
सात दिन चले धरने में हजारों की संख्या में जुटी थी भारी भीड़
पूरे अनुशासन में की गई थी जो एक नई इबारत पेश कर गई थी।
अराजकता रन्चमात्र भी देखने को नहीं मिली वहीं डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में मनमाने तरीके से ट्रेन ठराव निरस्त किए जाने से बनकटा क्षेत्र में रोष व्याप्त है। वहीं क्षेत्रीय सांसद द्वारा बनकटा रेलवे स्टेशन पर लोकहित में स्थानीय जन प्रतिनिधि के मांगों से अपनी सहमति जताई गई थी। जो अब सांसद विद्यार्थी ने जनता की बात रखने हेतु धरना प्रदर्शन में शामिल रहे लोगों में से जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अभिजीत यादव, ग्रामप्रधान विद्यासागर, दीपक गौड़ सहित पत्रकार अजीत पांडेय,सत्यम पांडेय, सांसद सांसद सलेमपुर के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रेल महा प्रबंधक से मिलने जा रहा है। सांसद द्वारा पहले ही रेल महाप्रबंधक से समय लिया गया है। दूरभाष पर पत्रकार से हुई वार्ता में सांसद द्वारा बनकटा में रेल ट्रेन ठराव के मामले को हल करने हेतु प्रतिनिधिमंडल सहित मिलने की जानकारी साझा की गई है।बताते चलें कि इस क्षेत्र के गरीब, नौजवान, किसान मजदूर, व्यापारी, छात्र-छात्राओं, के भविष्य संवारने का जो प्रमुख जरिया है। वह रेल ट्रेन ठहराव ही है। अब भी रेल मंत्रालय को चाहिए अपनी जन विरोधी हठधर्मिता को छोड़ कर जनहित में ट्रेन ठहराव बहाल करे।कहीं वंदे भारत ट्रेन मिल रही है। और छोटे स्टेशन पर पुरानी ट्रेन ठराव नहीं मिल पा रही है। जो जनहित गौड़ है। आखिर भारत समृद्ध कैसे होगा।गौरतलब है कि बनकटा से भी कम आय के तमाम स्टेशन पर रेल करोना काल के बाद ट्रेनों के नए ठहराव पुनः पड़ोसी बिहार राज्य में दिए गए हैं।मनमानेपन के कारण बनकटा में नहीं दिए गए हैं।
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