बड़हलगंज/गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
चिल्लूपार क्षेत्र के बड़हलगंज, गोला, उरुवा, पकड़ी, बड़गो, नेवाइजपार, डेरवा, मिश्रौली, भांटपार, पोहिला, अरांव जगदीश के पीएच.सी. , सी.एच.सी. में विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी, जर्जर विल्डिंग, टूटी चारदीवारी, मौजूदा स्टाफ की मनमानी, पीकू स्टाफ सर्विस को लेकर क्षेत्र के विधायक राजेश त्रिपाठी ने कल देर शाम उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य विभाग के मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात की ।
उक्त आशय की जानकारी एक विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि उप मुख्यमंत्री पाठक से उन्होंने अपने क्षेत्र के सभी अस्पतालों में पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टाफ देने की मांग की ।
साथ ही उरुवा बाजार के जर्जर पीएचसी विल्डिंग की विशेष मरम्मत कराकर उसको शीघ्र पूरी तरह से फिर से संचालित करने की मांग की तथा अरांव जगदीश स्थित सी.एच.सी. को पूरी तरह संचालित करने के आवश्यक स्टाफ, चिकित्सकीय और रिहायशी सुविधायें बढाने की भी मांग की ।
पूर्व मंत्री त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने बड़हलगंज सी.एच.सी. जो दो नेशनल हाई-वे गोरखपुर-वाराणसी और अयोध्या-जनकपुर के मध्य स्थित है, उसे ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है ताकि हाई -वे पर आसन्न दुर्घटना की स्थिति में घायलों की जान बचाने के लिए नजदीकी विकल्प मौजूद हो जाए और और साथ ही स्थानीय मरीज भी उसका भरपूर लाभ ले सकें ।
विधान मंडल दल सचेतक राजेश त्रिपाठी ने पोहिला सी.एच.सी. के पहुंच मार्ग बनवाकर वहां स्टाफ की नियुक्ति कर अस्पताल संचालित करने, भांटपार अतिरिक्त प्राथमिक चिकित्सालय की जर्जर विल्डिंग की मरम्मत कर डाक्टर उपलब्ध कराने, मिश्रौली हास्पीटल की चारदीवारी बनाने, नेवाइजपार हास्पीटल में मेडिकल स्टाफ और डाक्टर देने के साथ गोला बाजार सी.एच.सी. के रिहायशी भवनों की मरम्मत कर उसे रहने योग्य बनाने के साथ-साथ अस्पताल परिसर के उत्तर तरफ चारदीवारी लगाकर परिसर को शेफ करने और कैम्पस में अवैध मेडिकल स्टोर चलाने पर रोक लगाकर मुख्य द्वार का ही प्रयोग करने के लिए उप मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया ।
इस सभी अस्पतालों के साथ डेरवा, बड़गो, पकड़ी सहित अन्य अस्पतालों के रखरखाव, डाक्टर और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता पर वार्ता हुई ।
त्रिपाठी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण विन्दु बड़हलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहित अन्य अस्पतालों में सी.एस.आर. फंड से निर्मित बच्चों के आईसीयू (पीकू) में जो स्टाफ कम्पनी द्वारा रखे गये थे उनका एक वर्ष तक ही कार्यकाल था, जो समाप्त हो गये हैं, अब सरकार या तो उन्हें ही फिर से सेवा का अवसर दे या फिर शासन स्तर से नयी नियुक्ति हो । क्योंकि पीकू के मेडिकल स्टाफ की सेवा समाप्ति के बाद चिल्लूपार क्षेत्र के बच्चों के इलाज के लिए बने यह विशेष संस्थान बेकार हो रहे हैं ।
इन सभी विषयों पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने महानिदेशक स्वास्थ्य, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और सी.एम.ओ. गोरखपुर से विधायक राजेश त्रिपाठी के सामने ही वार्ता कर आवश्यक निर्देश दिये ।
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