वाल्मीकि जयंती पर राष्ट्रपति मुर्मू , मोदी से लेकर योगी आदित्यनाथ तक ने किया नमन, रामायण के आदर्शों को अपनाने का दिया संदेश
नई दिल्ली/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल है। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए देश एवं प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उनके संदेशों में रामायण के आदर्शों, मानवीय मूल्यों, कर्तव्यनिष्ठा और सामाजिक सद्भाव को जीवन में अपनाने की प्रेरणा प्रमुख रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी महर्षि वाल्मीकि के योगदान और उनकी शिक्षाओं को याद किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में कहा कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित महाकाव्य रामायण हमें कर्तव्य, सद्व्यवहार, निःस्वार्थ कर्म, परोपकार, मित्रता, त्याग, धर्म और भक्ति की अमूल्य शिक्षाएं देता है। इस महान ग्रंथ के शाश्वत मूल्य मानव जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं। उन्होंने कामना की कि देशवासी रामायण में वर्णित आदर्शों को अपनाकर अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में प्रगति के पथ पर आगे बढ़ें।
राष्ट्रपति के संदेश का मूल भाव यही है कि रामायण केवल एक धार्मिक महाकाव्य नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ऐसा ग्रंथ है, जिसकी शिक्षाएं आज भी परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में भी महर्षि वाल्मीकि की रचना का स्मरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महर्षि वाल्मीकि की स्मृति और उनकी साहित्यिक विरासत को नमन किया। वाल्मीकि रामायण का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है; यह भारतीय साहित्य, संस्कृति और लोकजीवन की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसने पीढ़ियों को प्रभावित किया है।
महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि कहा जाता है। रामायण की रचना के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन, संघर्ष, मर्यादा और आदर्शों को काव्यात्मक स्वरूप दिया। उनकी रचना ने भारतीय समाज में धर्म, नीति, करुणा और लोककल्याण की अवधारणाओं को गहराई से प्रभावित किया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा—‘रामो विग्रहवान् धर्मः’
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आदिकवि को कोटि-कोटि नमन किया। उन्होंने भगवान श्रीराम के चरित्र और सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महर्षि वाल्मीकि के योगदान को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री के संदेश में भगवान श्रीराम के जीवन को सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यपालन के अमर आदर्शों का जीवंत प्रतीक बताया गया। उन्होंने रामायण की शिक्षाओं को धर्म, सदाचार और लोकमंगल की प्रेरणा से जोड़ते हुए इनके महत्व को रेखांकित किया।
‘रामो विग्रहवान् धर्मः’ अर्थात भगवान श्रीराम धर्म के साकार स्वरूप हैं। यह भाव रामायण के उस आदर्श को सामने रखता है, जिसमें व्यक्ति का आचरण, कर्तव्य और दूसरों के प्रति उसका व्यवहार उसके चरित्र की वास्तविक पहचान बनते हैं।
विपक्षी नेताओं ने भी दी शुभकामनाएं
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेज प्रताप यादव सहित विभिन्न राजनीतिक नेताओं की ओर से भी शुभकामना संदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन सभी नेताओं के अलग-अलग संदेशों के सटीक शब्दों और आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि आवश्यक है।
महर्षि वाल्मीकि की जयंती राजनीतिक विचारधाराओं से ऊपर उठकर भारतीय सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को याद करने का अवसर है। उनकी रचनाएं समाज को यह संदेश देती हैं कि मनुष्य की पहचान उसके कर्म, विचार, आचरण और दूसरों के प्रति संवेदनशीलता से होती है।
क्यों आज भी प्रासंगिक हैं महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं?
आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब रामायण में वर्णित सत्य, त्याग, कर्तव्य, मित्रता, न्याय और परोपकार जैसे मूल्य और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। महर्षि वाल्मीकि की साहित्यिक विरासत हमें यह समझने की प्रेरणा देती है कि व्यक्तिगत उन्नति के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी जरूरी है।
महर्षि वाल्मीकि जयंती का वास्तविक संदेश केवल शुभकामनाएं देने और पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना, समाज में सद्भाव बढ़ाना, जरूरतमंदों की सहायता करना और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना ही इस पावन अवसर की सार्थकता है।
आदिकवि महर्षि वाल्मीकि का जीवन और साहित्य आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरणा देता है। रामायण की शिक्षाएं हमें याद दिलाती हैं कि सत्य, मर्यादा और लोककल्याण के मार्ग पर चलकर ही एक बेहतर परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
राष्ट्र की परम्परा परिवार की ओर से महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
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