सरसों के अधिक उत्पादन के उपाय

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)l आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, नानपारा के वरि. वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ केएम सिंह ने बताया कि जब सरसों व लाही के खेत में फूल डूबने की अवस्था पर पानी नहीं लगाना चाहिए। पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार ने सरसों में बीज बनने की प्रक्रिया को कैसे बढ़ाया जाए इसके बारे में बताया यदि बीज बनने की प्रक्रिया तेज गति से होगी तभी सरसों का उत्पादन भी अधिक होगा। सरसों में परागण की प्रक्रिया मधुमक्खी के द्वारा होती है, यदि किसान भाई मधुमक्खी पालन सरसों के खेत के आसपास करते हैं, तो उन्हें शहद का उत्पादन भी मिलेगा और सरसों में बीज बनने की प्रक्रिया के लिए पराग मधुमखियों द्वारा तेज गति से करेंगी, जिससे सरसों का उत्पादन भी अधिक होगा।

सिंचित व कम पानी की स्थिति में सरसों की अधिक उपज लेने हेतु 500 पीपीएम थायोयूरिया (5.0 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी) या 100 पीपीएम थायोग्लाइकोलिक एसिड (1.0 मि. ली. प्रति 10 लीटर पानी) का घोल बनाकर दो छिड़काव 50 प्रतिशत फूल अवस्था पर (बुआई के लगभग 40 दिनों बाद) तथा दूसरा छिड़काव उसके 20 दिनों बाद करने से फूल व फली बनने की प्रक्रिया अधिक होगी। डॉ हर्षिता ने बताया कि यदि महूँ का प्रकोप दिखे तो इमिडाक्लोप्रिडइस या थायमे थोक्साम का स्प्रे करें। इस प्रकार किसान भाई अगर सरसों की खेती करते हैं तो वह अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं।

rkpNavneet Mishra

Recent Posts

निरसा में गोलियों की गूंज: पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात शूटर सागर सिंह घायल, गिरफ्तार

सांकेतिक धनबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। धनबाद के निरसा क्षेत्र में पुलिस और अपराधियों के…

6 hours ago

UPI के नए चार्ज पर कानूनी चुनौती, MDR फ्रेमवर्क के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा UPI MDR विवाद, ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% शुल्क…

6 hours ago

प्लास्टिक से ई-कचरे तक: फेंकी हुई चीजों में छिपी नई अर्थव्यवस्था की ताकत

विश्व चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच 2026: क्या प्लास्टिक और ई-कचरे का कबाड़ बनेगा नई अर्थव्यवस्था की…

12 hours ago

राजभाषा हिन्दी के जागरूकता हेतु मऊ स्टेशन पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

वाराणसी(राष्ट्र क़ी परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन के निर्देशानुसार तथा वरिष्ठ मंडल आंकड़ा एवं…

13 hours ago

जनगणना की तैयारियों में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई

16 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगी स्वगणना, एक दिसंबर से शुरू होगी जनसंख्या गणना…

13 hours ago