अहमदाबाद (राष्ट्र की परम्परा)। गुजरात की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर राज्य के सभी मंत्रियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 11:30 बजे नए मंत्रिमंडल का कैबिनेट विस्तार किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इस नए मंत्रिमंडल में लगभग 10 नए मंत्री शामिल किए जा सकते हैं, जबकि आधे मौजूदा मंत्रियों को बदला जा सकता है। वर्तमान में गुजरात कैबिनेट में मुख्यमंत्री पटेल समेत कुल 17 मंत्री हैं, जिनमें 8 कैबिनेट मंत्री और 8 राज्य मंत्री (MoS) शामिल हैं।
गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा की कुल सीटें 182 हैं, जिनमें से 15 प्रतिशत यानी 27 मंत्री बनाए जा सकते हैं। वहीं, हाल ही में राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
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क्या “गुजरात फॉर्मूला” फिर हुआ लागू?
राज्य में यह माना जा रहा है कि भाजपा ने एक बार फिर “गुजरात फॉर्मूला” अपनाया है, जिसके तहत चुनाव से पहले मंत्रियों को बदलकर एंटी-इनकंबेंसी यानी विरोधी लहर को खत्म किया जाता है।
2021 में भी भाजपा ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को हटाकर भूपेंद्र पटेल को सीएम बनाया था और पूरी कैबिनेट बदल दी थी।
भाजपा का रणनीतिक कदम
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 103 नए चेहरों को टिकट दिया और 38 विधायकों के टिकट काटे थे। इस रणनीति का परिणाम पार्टी को ऐतिहासिक सफलता के रूप में मिला — भाजपा ने 156 सीटों पर जीत दर्ज की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार भी पार्टी ने चेहरे बदलकर जन असंतोष को कम करने की रणनीति अपनाई है, ताकि अगले चुनाव में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।
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