लखनऊ(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने देश में विभिन्न धर्मों के पूजास्थलों और महापुरुषों के अपमान को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने रविवार को कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र समाज में वैमनस्य फैलाने और देश का माहौल खराब करने के उद्देश्य से रचा जा रहा है।
राजधानी लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में बसपा प्रमुख ने पार्टी के संगठन विस्तार की समीक्षा की। बैठक में जिले से लेकर बूथ स्तर तक समितियों के गठन की प्रगति पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मायावती ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी धर्मस्थल, संत, गुरु या महापुरुष का निरादर समाज में तनाव और अविश्वास पैदा करता है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, “सभी सरकारों को संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक और द्वेषपूर्ण राजनीति का त्याग करना होगा। ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए कानून का राज स्थापित करना चाहिए, ताकि आम जनता अमन-चैन से रहकर रोजी-रोटी कमा सके, अपने परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था कर सके।”
बसपा प्रमुख ने इस मौके पर पार्टी संगठन को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि समाज के सभी वर्गों को जोड़कर बसपा के जनाधार को मजबूत किया जाए और बूथ स्तर पर संगठन को चुस्त-दुरुस्त किया जाए।
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