वॉशिंगटन/नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। India-US Trade Deal से जुड़ी व्हाइट हाउस की फैक्टशीट में जारी होने के एक दिन बाद चुपचाप बदलाव कर दिए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव उस लाइन में हुआ है, जिसमें पहले कहा गया था कि भारत 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदने के लिए “कमिट” करता है। नए वर्जन में इसे बदलकर “खरीदने का इरादा रखता है” कर दिया गया है। इस बदलाव से समझौते का एक अहम हिस्सा नरम पड़ता दिख रहा है।
फैक्टशीट में पहले क्या था?
पहले जारी वर्जन में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कई अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैक्स खत्म या कम करेगा। इसमें यह भी लिखा था कि भारत 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, सूचना व संचार तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने का “कमिटमेंट” करता है।
उत्पादों की सूची में सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड ज्वार, ड्राई फ्रूट, ताजे व प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल थे।
अब क्या बदला गया?
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर उपलब्ध नए वर्जन में:
• “कमिट” शब्द की जगह “इरादा” किया गया
• उत्पादों की सूची से “कृषि” शब्द हटाया गया
• “कुछ दालें” वाला हिस्सा हटाया गया
इन बदलावों से संकेत मिलता है कि खरीद और टैरिफ कटौती के दायरे को लेकर भाषा को नरम किया गया है।
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डिजिटल टैक्स पर भी बदला रुख
पहले फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा और डिजिटल ट्रेड बाधाओं को खत्म करने के लिए मजबूत नियमों पर बातचीत का कमिटमेंट करेगा।
नए वर्जन में डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने का जिक्र नहीं है। अब केवल इतना कहा गया है कि भारत मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत के लिए तैयार है।
डील में क्या तय हुआ है?
पिछले हफ्ते घोषित अंतरिम ढांचे के तहत:
•अमेरिका भारतीय सामान पर आयात शुल्क 50% से घटाकर 18% करेगा
• भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई खाद्य व कृषि वस्तुओं पर टैक्स कम या खत्म करेगा
साझा बयान के मुताबिक, भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान व पुर्जे, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉॉजी सामान और कोकिंग कोल खरीदने की योजना बना रहा है।
ट्रंप का बड़ा फैसला
डील फाइनल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त आयात शुल्क को हटा दिया है। यह शुल्क भारत द्वारा रूस से तेल खरीद के कारण लगाया गया था। ट्रंप ने कहा कि भारत ने इस दिशा में “काफी बड़े कदम” उठाए हैं।
कब साइन होगी फाइनल डील?
नई दिल्ली और वॉशिंगटन मार्च के मध्य तक अंतिम ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने की तैयारी में हैं।
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