राजनीति से सिनेमा तक: 10 जनवरी ने भारत को क्या-क्या दिया?

राजनीति, साहित्य, सिनेमा और संगीत के वे सितारे जिन्होंने भारत की पहचान गढ़ी

10 जनवरी भारतीय इतिहास और संस्कृति के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन राजनीति, साहित्य, सिनेमा, संगीत और कानून के ऐसे-ऐसे दिग्गज जन्मे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। आइए जानते हैं 10 जनवरी को जन्मे इन महान व्यक्तित्वों के जीवन, जन्म-स्थान और राष्ट्रहित में उनके योगदान के बारे में विस्तार से।

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जी. लक्ष्मणन (जन्म: 10 जनवरी 2001)
जी. लक्ष्मणन का जन्म तमिलनाडु राज्य, भारत में हुआ। वे द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) से जुड़े एक युवा राजनीतिक व्यक्तित्व के रूप में पहचाने गए। सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय स्वाभिमान और तमिल संस्कृति के संरक्षण जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही। कम आयु में राजनीति में प्रवेश कर उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया। पार्टी की नीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।
ऋतिक रोशन (जन्म: 10 जनवरी 1974, मुंबई, महाराष्ट्र, भारत)
ऋतिक रोशन हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिभाशाली और लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। अभिनेता-निर्देशक राकेश रोशन के घर जन्मे ऋतिक ने फिल्म कहो ना… प्यार है से जबरदस्त शुरुआत की। अभिनय, नृत्य और फिटनेस के क्षेत्र में उन्होंने नए मानक स्थापित किए। लगान, कृष, जोधा अकबर और सुपर 30 जैसी फिल्मों से उन्होंने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई और युवाओं के लिए प्रेरणा बने।
सलीम गौस (जन्म: 10 जनवरी 1952, बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत)
सलीम गौस का जन्म बेंगलुरु में हुआ। वे एक बहुभाषी अभिनेता थे, जिन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु और अंग्रेज़ी फिल्मों में सशक्त अभिनय किया। सरदार, कृष्णा, भारत एक खोज जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं। थिएटर और टेलीविजन के माध्यम से उन्होंने गंभीर और विचारोत्तेजक भूमिकाओं को नई ऊंचाई दी। उनका योगदान भारतीय अभिनय परंपरा को समृद्ध करने वाला रहा।
सुचित्रा भट्टाचार्य (जन्म: 10 जनवरी 1950, कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत)
सुचित्रा भट्टाचार्य बांग्ला साहित्य की सशक्त महिला लेखिका थीं। उनका जन्म कोलकाता में हुआ। उन्होंने अपने उपन्यासों और कहानियों में शहरी जीवन, नारी संघर्ष और सामाजिक यथार्थ को गहराई से प्रस्तुत किया। काछे आशी, हाचिस और दहन जैसे उपन्यासों ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। उनका लेखन महिलाओं की आवाज़ को साहित्यिक मंच देने का सशक्त माध्यम बना।

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अल्लू अरविन्द (जन्म: 10 जनवरी 1949, पश्चिम गोदावरी, आंध्र प्रदेश, भारत)
अल्लू अरविन्द दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित फिल्म निर्माता हैं। उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ। गीता आर्ट्स के बैनर तले उन्होंने कई सुपरहिट और प्रयोगधर्मी फिल्मों का निर्माण किया। उन्होंने तेलुगु सिनेमा को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक सोच से जोड़ा। नए कलाकारों और निर्देशकों को अवसर देकर उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
के. जे. येसुदास (जन्म: 10 जनवरी 1940, त्रिवेंद्रम, केरल, भारत)
के. जे. येसुदास भारतीय संगीत के एक अमूल्य रत्न हैं। उनका जन्म केरल में हुआ। कर्नाटक शास्त्रीय संगीत से लेकर फिल्मी गीतों तक उन्होंने हजारों गीत गाए। मलयालम, हिंदी, तमिल, तेलुगु सहित कई भाषाओं में उनका योगदान अद्वितीय है। पद्म पुरस्कारों से सम्मानित येसुदास ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरव दिलाया।
गुरदयाल सिंह (जन्म: 10 जनवरी 1933, पंजाब, भारत)
गुरदयाल सिंह पंजाबी साहित्य के महान लेखक थे। उनका जन्म पंजाब में हुआ। मरही दा दीवा जैसे उपन्यास के लिए उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। उन्होंने ग्रामीण जीवन, सामाजिक बदलाव और मानवीय संवेदनाओं को अपनी रचनाओं का केंद्र बनाया। उनका साहित्य भारतीय भाषाई धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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फली एस. नरीमन (जन्म: 10 जनवरी 1929, रंगून/यांगून, म्यांमार)
फली एस. नरीमन भारत के सबसे प्रतिष्ठित संवैधानिक वकीलों में से एक थे। उनका जन्म तत्कालीन बर्मा (अब म्यांमार) में हुआ। उन्होंने भारत के सर्वोच्च न्यायालय में दशकों तक सेवा दी और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायिक स्वतंत्रता के लिए उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है।
बासु चटर्जी (जन्म: 10 जनवरी 1927, अजमेर, राजस्थान, भारत)
बासु चटर्जी का जन्म अजमेर में हुआ। वे हिंदी और बंगाली सिनेमा के संवेदनशील निर्देशक और लेखक थे। रजनीगंधा, चोटी सी बात और बातों बातों में जैसी फिल्मों से उन्होंने आम आदमी की भावनाओं को पर्दे पर उतारा। उनका सिनेमा सादगी और यथार्थ का प्रतीक माना जाता है।
पद्मनारायण राय (जन्म: 10 जनवरी 1908, उत्तर प्रदेश, भारत)
पद्मनारायण राय हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित निबंधकार थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने हिंदी निबंध को वैचारिक गहराई और सामाजिक चेतना से जोड़ा। उनकी रचनाएं विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए आज भी प्रेरणास्रोत हैं।

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नरहर विष्णु गाडगिल (जन्म: 10 जनवरी 1896, महाराष्ट्र, भारत)
नरहर विष्णु गाडगिल स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, अर्थशास्त्री और संविधान सभा के सदस्य थे। उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने आर्थिक नीतियों और सामाजिक सुधारों पर महत्वपूर्ण कार्य किया। स्वतंत्र भारत की नींव रखने में उनका योगदान ऐतिहासिक है।
पी. लक्ष्मीकांतम (जन्म: 10 जनवरी 1894, आंध्र प्रदेश, भारत)
पी. लक्ष्मीकांतम एक प्रसिद्ध कवि और लेखक थे। उनका जन्म आंध्र प्रदेश में हुआ। उन्होंने साहित्य के माध्यम से सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा दिया। उनकी रचनाएं आज भी साहित्यिक अध्ययन का हिस्सा हैं।
जॉन मथाई (जन्म: 10 जनवरी 1886, केरल, भारत)
जॉन मथाई एक प्रख्यात शिक्षाविद, अर्थशास्त्री और न्यायविद् थे। उनका जन्म केरल में हुआ। वे स्वतंत्र भारत के पहले रेल मंत्री और वित्त मंत्री रहे। शिक्षा और आर्थिक नीतियों में उनके योगदान ने आधुनिक भारत के विकास की दिशा तय की।

Editor CP pandey

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