उतरौला/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टालरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं।और बीच बीच में सभी को इस पर चलने को आगाह भी करते रहे हैं।वहीं ब्लाक के कुछ कर्मी उनकी नीतियों को हवा में उड़ाकर अपनी कमाई का जरिया बना लिए हैं।
प्रधानमंत्री आवास पाने के लिए पात्र लोग दर दर भटक रहे हैं।पात्रता सूची में नाम होने के बावजूद जिम्मेदारों के अनदेखी के चलते उनको आज तक आवास नही दिया गया।जबकि वर्ष 2017की पात्रता की सूची में नाम दर्ज बताया जा रहा है।शहर बानों ने एक अदद आवास की मांग को लेकर कई बार विकास खंड के अधिकारियों से मिलकर अपनी व्यथा सुना चुके हैं।मामला उतरौला विकास खंड के ग्राम सुरैहिया देवर का है। जहां शहर बानो पत्नी समीर कच्चे मकान मे प्लास्टिक ताल पतरी व छप्पर के नीचे रहकर अपना गुजर बशर करने को विवश हैं।आलम यह है कि बरसात के दिनों में और भी समस्या बढ़ जाती है जब बारिश का पानी घरों में भर जाता है और विषैले जानवरों का खतरा बढ़ जाता है।उन्हें सर छुपाने के लिए एक अदद छत नुमा आवास की दरकार है।
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