मऊ (राष्ट्र की परम्परा) बृहस्पतिवार को पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राजीव उपाध्याय ने बताया कि चकबंदी की मूल भावना है कि किसानों के बिखरे हुए चकों को एक साथ जोड़कर चक प्रदत किया जाए जिससे काश्तकारों को कृषि कार्य करने में सुगमता हो।बंदोबस्त अधिकारी ने बताया कि जिले में इस समय चकबंदी की टीम बहुत अच्छा काम कर रही है, सिया बस्ती में पिछले 25 वर्ष से चकबंदी कार्य चल रहा था, जिसका धारा 52 का प्रकाशन कराके चकबंदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही बस्ती और रकौली का कब्जा परिवर्तन का काम भी पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त और बेहतर कार्य करते हुए इसी वित्तीय वर्ष में नसीराबाद और पकड़ी का धारा 20, 23 का प्रकाशन कर कब्जा परिवर्तन कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।बताया कि चकबंदी कार्य पारदर्शी ढंग से चल रहा है। विवादों के सवाल पर कहा कि विवादों के निस्तारण के लिए सक्षम न्यायालय हैं, जिसमें दोनों पक्षों को सुनकर उसका निस्तारण किया जाता है।साथ ही जिस गांव में चकबंदी चल रही है वहां के लोगों से अपील किया की चकबंदी प्रक्रिया में सहयोग करें, केवल अपना स्वार्थ ना सोचे, क्योंकि सभी की मांगों को उनके हिसाब से पूर्ण कर पाना संभव नहीं है।
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