सरहद पार शिक्षा की उड़ान: देवरिया के छात्रों ने नेपाल में सीखी सांस्कृतिक एकता की वर्णमाला

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षा केवल कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनुभव, संस्कृति और संवाद से भी आकार लेती है। इसी सोच के तहत उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के एक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने दो दिवसीय शैक्षिक देशाटन कार्यक्रम के अंतर्गत पड़ोसी देश नेपाल की यात्रा की। इस अंतरराष्ट्रीय भ्रमण ने छात्रों को न केवल भौगोलिक और ऐतिहासिक ज्ञान प्रदान किया, बल्कि भारत-नेपाल सांस्कृतिक एकता का जीवंत अनुभव भी कराया।

बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी से हुई यात्रा की शुरुआत

छात्रों का दल सबसे पहले भगवान बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी पहुँचा, जहाँ के शांत वातावरण और ऐतिहासिक धरोहरों ने बच्चों को गहराई से प्रभावित किया। बीते वर्ष लखनऊ भ्रमण के बाद इस बार अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करना छात्रों के लिए एक नया और रोमांचक अनुभव रहा।

बुटवल की वादियों में प्रकृति से साक्षात्कार

लुंबिनी के बाद छात्रों ने बुटवल की पहाड़ियों, झरनों और प्रसिद्ध फुलवारी पार्क का भ्रमण किया। हरियाली से घिरे वातावरण और पहली बार झूला पुल पर चलने के अनुभव ने छात्रों में आत्मविश्वास और साहस का संचार किया।

वन्यजीव और पर्यावरण से जुड़ाव

यात्रा के दौरान बच्चों ने विभिन्न प्रकार के वन्य जीवों और रंग-बिरंगे पक्षियों को नजदीक से देखा, जिससे उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ी।

ये भी पढ़ें – लक्ष्मी नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर मानवता का संदेश, 200 जरूरतमंदों को कंबल वितरित

सांस्कृतिक आदान-प्रदान बना यात्रा की पहचान

फुलवारी पार्क में स्थानीय नेपाली नागरिकों के साथ भारतीय छात्रों ने लोकनृत्य में सहभागिता की। भाषा भले अलग थी, लेकिन संगीत, नृत्य और मुस्कान ने भारत-नेपाल की सांस्कृतिक एकता को मजबूत रूप में प्रस्तुत किया।

प्रधानाचार्य ने बताया अनुभव का महत्व

विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीपक पाठक ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और जीवन के वास्तविक अनुभव प्रदान करता है। नेपाली संस्कृति और पहाड़ी सौंदर्य छात्रों के लिए जीवन भर की स्मृति बन गया है।

इस शैक्षिक यात्रा में शिक्षिकाएं शकुंतला देवी, आसमा खातून और करीना खातून ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। वहीं अरबाज अंसारी, सानिया खातून, प्रिंस कुमार और सपना कुमारी सहित कई छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। यात्रा के सफल समापन पर अभिभावकों ने विद्यालय के प्रयास की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताया।

ये भी पढ़ें – रेलवे की बड़ी योजना: अगले 5 वर्षों में ट्रेनों की संचालन क्षमता होगी दोगुनी, वाराणसी भी शामिल

Karan Pandey

Recent Posts

होली-ईद से पहले देवरिया में एकता का संदेश, जिला एकीकरण समिति की अहम बैठक

देवरिया।(राष्ट्र की परम्परा)आगामी होली और ईद पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने…

1 hour ago

उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी पड़ी भारी, देवरिया बीएसए निलंबित

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में चर्चित कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण के बाद प्रशासनिक…

1 hour ago

अनियमित अभिकर्ताओं पर शिकंजा, जिला बचत कार्यालय मऊ में जांच प्रक्रिया सख्त

मऊ।(राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ में जिला बचत कार्यालय से जुड़े अभिकर्ताओं के कार्यों को लेकर…

1 hour ago

कुशीनगर में बंद मिल को चालू कराने की कवायद तेज, किसानों ने दिखाई सकारात्मक पहल

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)जनपद कुशीनगर में वर्षों से बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल को दोबारा…

1 hour ago

देवरिया में त्योहारों से पहले हाई अलर्ट, प्रशासन और पुलिस ने बनाई संयुक्त रणनीति

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)आगामी पर्वों को सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य…

1 hour ago

डीएम का औचक निरीक्षण: भोजन चखा, व्यवस्थाएं परखी, छात्राओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर सख्त निर्देश

सर्वोदय विद्यालय में किचन गार्डेन, सीसीटीवी व सीसी सड़क के निर्देश —स्टेडियम में खिलाड़ियों को…

2 hours ago