गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की समन्वयक डॉ. लक्ष्मी मिश्रा का चयन दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। इसके पहले सन 2018 से वह सहायक आचार्य के पद पर गोरखपुर विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में कार्यरत थीं।
डॉ. लक्ष्मी गोरखपुर विश्वविद्यालय से ही पढ़ी-लिखी एवं शोध किया। वह लंबे समय तक गोरखपुर विश्वविद्यालय में मानदेय शिक्षक के रूप में भी कार्यरत थीं।
सोमवार को उनके अंतिम कार्य दिवस पर प्रोफेसर राजवंत राव ने कहा कि डॉ. लक्ष्मी एक निष्ठावान शिक्षिका हैं। उन्होंने संस्कृत विभाग को अपने परिश्रम एवं मेधा से निरंतर सींचा है। निश्चित रूप से उनकी कमी विभाग व विद्यार्थियों को खलेगी। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।
विदाई के इस अवसर पर डॉ. देवेंद्र पाल, डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी, डॉ. कुलदीपक शुक्ल, डॉ. रंजन लता, डॉ.मृणालिनी, डॉ.स्मिता द्विवेदी समेत डॉ.अपरा त्रिपाठी, डॉ. मनीष पांडेय, डॉ. अभिषेक शुक्ल आदि उपस्थित रहे। डॉ.लक्ष्मी मिश्रा के इस चयन पर सभी में एकतरफ खुशी रही, तो विदाई के कारण आंखें नम भी दिखीं।
वरिष्ठता सूची के अनुसार डॉ. देवेंद्र पाल संस्कृत विभाग के अगले समन्वयक होंगे।
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