बलरामपुर।(राष्ट्र की परम्परा)08 अक्टूबर..जनपद में राप्ती नदी का जलस्तर हाईएस्ट फ्लड बिंदु को पार करते हुए 105.610 पहुंच गया है जो कि खतरे के निशान 104.62 से 0.99 सेंटीमीटर ऊपर है। जनपद के कई क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित है। जनपद में सर्वाधिक प्रभावित तहसील जनपद बलरामपुर सदर है।
जिलाधिकारी डॉ महेंद्र कुमार एवं पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सक्सेना द्वारा राप्ती नदी सिसई घाट पहुंचकर बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया गया एवं ग्राम सिसई में बाढ़ की स्थिति देखी गई, उन्होंने उपजिलाधिकारी को राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किए जाने का निर्देश दिया। बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था प्रदान किए जाने, उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसे लोगों को नावो के माध्यम से तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने का निर्देश दिया।
👉राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित लोग पानी बढ़ने का ना करें इंतजार, बाढ़ राहत केंद्र में ले शरण
नावों में रस्सी एवं लाइव जैकेट की उपलब्धता का निर्देश दिया। उन्होंने आम जनमानस से अपील किया कि राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोग पानी बढ़ने का इंतजार ना करें एवं अपने नजदीकी राहत केंद्र में शरण लें।
इस दौरान मेवालाल चौकी के पास तेज धारा को पार करते हुए बाइक सवार का तेज धारा में बहते हुए देख जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल पुलिस कर्मियों को व्यक्ति को बचाने के लिए को निर्देशित किया गया। पुलिस कर्मियों द्वारा वाहन में रस्सा निकाल कर तुरंत फेंका गया तथा डूबते हुए व्यक्ति को बचाया गया। जिलाधिकारी द्वारा मेवा लाल चौकी के बाद हल्के वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने एवं सड़क के दोनों तरफ है रस्सा लगाए जाने का निर्देश दिया गया।
संवाददाता बलरामपुर..
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। LPG संकट के बीच केंद्र सरकार ने गैस पाइपलाइन और…
नवनीत मिश्र भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में गणेशशंकर विद्यार्थी का नाम एक ऐसे जुझारू…
नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद Sonia Gandhi की…
Iran War Day 24: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के 24वें दिन वैश्विक…
सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल एक कानूनी व्याख्या नहीं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना,ऐतिहासिक…
गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा विश्व क्षय रोग…