घुसपैठियों पर CM योगी सख्त: बरेली में अफसरों को निर्देश—“जीरो टॉलरेंस अपनाएं, कोई बच न पाए”

बरेली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में अधिकारियों के साथ बैठक कर घुसपैठियों पर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाए और सत्यापन प्रक्रिया इतनी मजबूत हो कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बच न सके।
सीएम ने कहा कि महिला अपराध और समाजिक माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्ती जारी रहनी चाहिए। बेहतर कानून-व्यवस्था ही विकास को गति देती है।

जनप्रतिनिधियों के फीडबैक को बताया महत्वपूर्ण

सीएम योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत रखने के लिए जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से मिलने वाला फीडबैक बेहद मूल्यवान होता है, जिससे अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ती है।
मतदाता पुनरीक्षण अभियान में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका को भी उन्होंने अहम बताया।

विकास कार्यों की समीक्षा, रैन बसेरों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधि यह सुनिश्चित करें कि कौन-सा कार्य क्षेत्र में सबसे जरूरी है और इसकी जानकारी तत्काल अफसरों को दें।
ठंड बढ़ने को देखते हुए उन्होंने रैन बसेरों की व्यवस्था का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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विवाह समारोहों में हुए शामिल

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस से मेयर डॉ. उमेश गौतम के घर पहुंचे और उनके पुत्र पार्थ व बहू जान्हवी को विवाह की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद वे आईवीआरआई ग्राउंड पहुंचे, जहां झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार के पुत्र अपूर्व और बहू संजना के विवाह समारोह में शामिल हुए। बाद में वह राजकीय वायुयान से लखनऊ रवाना हो गए।

बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक

सर्किट हाउस में बैठक के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के लिए भाजपा नेताओं के वाहनों को रोका, जिस पर कुछ नेता नाराज़ हो गए। बाद में उन्हें अंदर जाने दिया गया, लेकिन तुरंत वापस भी बाहर आना पड़ा।

सीएम से मिलने की कोशिश, पुलिस ने रोका

एक महिला अपने पति की कथित गलत इलाज से हुई मौत की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। उसने पोस्टमार्टम न होने देने का भी आरोप लगाया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पुलिस ने महिला और परिजनों को वहां से हटा दिया।

Karan Pandey

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