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युद्ध विराम का स्वागत लेकिन पाकिस्तान की नीयत पर संदेह – हिन्दू महासभा

युद्धकाल में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सेना और सरकार का साथ देना भारत की विशिष्ट पहचान – बी एन तिवारी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)अमेरिका के हस्तक्षेप पर पाकिस्तान द्वारा भारत के विदेश मंत्रालय को फोन करके पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम के लिए गिड़गिड़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा अपनी शर्तों पर युद्ध विराम स्वीकार करने के निर्णय का अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान का अस्तित्व मिटने के कगार पर पहुंच गया था। समय रहते अमेरिका के हस्तक्षेप ने पाकिस्तान का वजूद बचा लिया। दो दिन यह युद्ध और चलता तो पाकिस्तान दो तीन टुकड़ों में बंट सकता था। राष्ट्रीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत के सैनिकों के पराक्रम ने सभी भारतवासियों का मस्तक गर्व से चौड़ा कर दिया है। भारत के सैनिकों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी और सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर न केवल पाकिस्तान की सारी हेकड़ी निकाल दी, बल्कि पाकिस्तान को भारत के सामने घुटनों पर बैठकर युद्ध विराम के लिए गिड़गिड़ाने पर भी मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत में समय समय पर आतंकवादी हमलों में हुए नरसंहारों में से अधिकांश का एक साथ बदला ले लिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भले ही भारत की आतंकवादी किसी भी घटना को युद्ध आरंभ होने की शर्त को अमेरिका की घुड़की के सामने मान लिया है, लेकिन हिन्दू महासभा को पाकिस्तान की नीयत पर संदेह है।
हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बी एन तिवारी ने जारी बयान में यह जानकारी देते हुए कहा कि देश के 140 करोड़ की आबादी ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान का खात्मा चाहती थी, लेकिन इस बार पाकिस्तान बच गया । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भूल से भी युद्धविराम की शर्त का उल्लंघन कर भारत में आतंकवाद फैलाने का दुस्साहस किया तो यह दुस्साहस पाकिस्तान के वजूद के लिए आखिरी दुस्साहस शुद्ध होगा।
बी एन तिवारी ने कहा कि हिन्दू महासभा ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान हुए सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे बलिदानियों के महान बलिदानों से हम और हमारा देश सुरक्षित है और सदैव सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम का अर्थ आतंकवाद का अंत नहीं हो सकता। युद्ध का विकल्प सुरक्षित रखने के साथ अन्य वैचारिक विकल्पों के माध्यम से आतंकवाद के विरुद्ध वैचारिक और रणनीतिक युद्ध आतंकवाद का खात्मा होने तक जारी रहना चाहिए। बी एन तिवारी ने कांग्रेस सहित देश के समस्त विपक्षी दलों का युद्ध काल में भारत सरकार और सेना के साथ खड़ा होने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपात परिस्थितियों और युद्ध काल में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सेना और सरकार के साथ खड़ा होना भारत की विशिष्ट पहचान है। यह पहचान एकता, अखंडता और संप्रभुता को रेखांकित करता है और यही भारत की पहचान है।

rkpnews@somnath

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