लेख

विश्व नारियल दिवस 2 सितंबर 2025- मानव स्वास्थ्य, संस्कृति और वैश्विक समृद्धि का प्रतीक

गणेश पूजा में नारियल अनिवार्य होता है,क्योंकि यह विघ्नहर्ता के आशीर्वाद का प्रतीक है। गोंदिया - वैश्विक स्तरपर प्रकृति ने…

1 year ago

विवाह समारोह-पवित्र संस्कार,आधुनिकता का दंश और समाज की चुनौती

शादी समारोहों में शराब, डीजे, नाइट पार्टी और वेस्टर्न कल्चर की नकल आम हो गई है। विवाह एक पवित्र संस्कार,…

1 year ago

अपनी कमजोरी किसी को न बताएं : चाणक्य नीति आज भी प्रासंगिक

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)।जीवन में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चलता रहता है, लेकिन इन परिस्थितियों में अपनी कमजोरी दूसरों के सामने…

1 year ago

शिक्षा का बाज़ार और कोचिंग की बढ़ती निर्भरता

जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले…

1 year ago

शिक्षकों की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी सुविधा से जंजाल तक की यात्रा

हरियाणा की ट्रांसफर पॉलिसी : सुधार की ज़रूरत या असंतोष का अड्डा सरकार ने पारदर्शिता और न्याय की मंशा से…

1 year ago

खेल, संस्कृति और स्वास्थ्य: पारंपरिक खेलों की त्रिवेणी

राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद जयंती पर विशेष नवनीत मिश्र “खेल जीवन का दर्पण हैं।” यह पंक्ति भारत की खेल…

1 year ago

बच्चों द्वारा भीख मांगना-(एक सामाजिक बुराई)

बलिया(राष्ट्र की परम्परा) यदि कोई भी व्यक्ति किसी किशोर अथवा बच्चे से भीख मंगवाता है अथवा इस उद्देश्य से रोजगार…

1 year ago

बच्चों द्वारा भीख मांगना-(एक सामाजिक बुराई)

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। यदि कोई भी व्यक्ति किसी किशोर अथवा बच्चे से भीख मंगवाता है अथवा इस उद्देश्य से…

1 year ago

नीली जींस में यूजेनिक्स के अवशेष

कल्पना पाण्डेय प्रवासियों के कारण नौकरियाँ खोने का भय है। 2024 की चुनाव प्रचार में रिपब्लिकन पार्टी ने ऐसा दावा…

1 year ago

अस्पताल से जिन्दा कैसे लौटे “बीमारी से बड़ी बन चुकी है इलाज की लूट”

आज अस्पताल जीवनदान से ज़्यादा भय और लूट का केंद्र बन गए हैं। नॉर्मल केस को वेंटिलेटर तक पहुँचाना, अनावश्यक…

1 year ago