Budget Session 2026: राष्ट्रपति के संबोधन से शुरुआत, रविवार को बजट

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। संसद के Budget Session 2026 की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ हो रही है। यह सत्र कई ऐतिहासिक कारणों से खास माना जा रहा है। देश के संसदीय इतिहास में पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा।

1 फरवरी को बनेगा संसदीय इतिहास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी (रविवार) को लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। अब तक परंपरा रही है कि बजट कार्यदिवस में ही प्रस्तुत किया जाता था, लेकिन इस बार रविवार को बजट पेश कर सरकार नया इतिहास रचने जा रही है। सरकार ने 1 फरवरी को औपचारिक रूप से ‘बजट डे’ घोषित किया है।

हलवा सेरेमनी से शुरू हुई बजट प्रक्रिया

बजट से पहले पारंपरिक हलवा सेरेमनी का आयोजन नॉर्थ ब्लॉक में किया गया। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हलवा सेरेमनी को बजट तैयार करने की गोपनीय प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। इसके बाद बजट से जुड़े अधिकारी ‘लॉक-इन’ प्रक्रिया में चले जाते हैं।

ये भी पढ़ें – India-EU FTA: ट्रंप पड़े अलग-थलग, भारत बना नया ग्लोबल ट्रेड हब

दो चरणों में होगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में आयोजित किया जाएगा।

पहला चरण: आज से 13 फरवरी 2026 तक

दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक (संभावित)

पहले चरण के बाद सत्र को अस्थायी रूप से स्थगित किया जाएगा, जिसके दौरान संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की विस्तार से समीक्षा करेंगी।

लंबित विधेयकों पर भी रहेगी नजर

लोकसभा में फिलहाल नौ अहम विधेयक लंबित हैं। इनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड 2025 और संविधान संशोधन विधेयक 2024 जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। बजट सत्र के दौरान इन विधेयकों पर भी चर्चा और निर्णय की संभावना है।

वैश्विक दबाव के बीच पेश होगा बजट

यह बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। अमेरिका की टैरिफ नीतियों, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की अनिश्चितता का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सरकार का आर्थिक रोडमैप बेहद अहम माना जा रहा है।

महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे में निवेश और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने को लेकर इस बजट से बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है। राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से यह बजट सरकार के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

Read this: https://ce123steelsurvey.blogspot.com/search/label/AE%20exam?m=1

Karan Pandey

Recent Posts

महराजगंज: मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान महिला बीएलओ से मारपीट, सरकारी कागजात फाड़े

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। लोकतंत्र की आधारशिला माने जाने वाले मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के…

29 minutes ago

बलिया दवा मंडी समस्याएं: धर्मेन्द्र सिंह ने दिया समाधान का भरोसा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया की दवा मंडी में लंबे समय से चली आ रही…

54 minutes ago

बलिया आयुर्वेदिक अस्पताल में 6 माह से दवाएं नहीं, मरीज परेशान

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। बलिया जनपद के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में पिछले करीब छह महीनों…

1 hour ago

CIC का बड़ा फैसला: पत्नी को पति की आय की जानकारी मिलेगी

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने भरण-पोषण और वैवाहिक विवादों से…

1 hour ago

जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, डोडा में 60 लोग सुरक्षित निकाले गए, 58 उड़ानें रद्द

जम्मू (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी ने एक बार फिर जनजीवन को…

1 hour ago

मदर ऑफ ऑल डील: भारत की आर्थिक कूटनीति का ऐतिहासिक मोड़

भारत और यूरोपीय संघ के बीच संपन्न ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ महाडील केवल एक मुक्त व्यापार…

2 hours ago