पूर्वांचल में निवेश, रोजगार और उद्यमिता की नई इबारत लिखेगा ‘बरगद मंथन’

कौन बनेगा बरगद: गांव और छोटे शहरों के उद्यमियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।पूर्वांचल में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को नई दिशा देने की ओर एक मजबूत कदम के रूप में जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल द्वारा आयोजित ‘बरगद मंथन’ कार्यक्रम को क्षेत्रीय आर्थिक विकास की बड़ी पहल माना जा रहा है। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय उद्यमियों को मंच देगा, बल्कि पूर्वांचल उद्यमिता इकोसिस्टम को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का माध्यम भी बनेगा।
बरपार स्थित बरगद सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशुतोष कुमार ने कहा कि ‘कौन बनेगा बरगद’ कार्यक्रम पूर्वांचल के गांवों और छोटे शहरों में छिपी उद्यमशील प्रतिभा को पहचान दिलाने का अनोखा प्रयास है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय रोजगार सृजन और स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

ये भी पढ़ें – एफएमडी टीकाकरण का सातवां चरण शुरू

उन्होंने बताया कि बरगद मंथन केवल एक पिचिंग इवेंट नहीं है, बल्कि यह ‘कौन बनेगा बरगद’ की चयन प्रक्रिया का अहम चरण है। इस दो दिवसीय आयोजन में पूर्वांचल के सात जिलों से आए 81 उद्यमी भाग ले रहे हैं, जिनमें से लगभग 20 उद्यमियों का चयन आगे मुख्य मंच के लिए किया जाएगा।
बरगद की प्रेरणा से उद्यमिता का विकास
आशुतोष कुमार ने बताया कि जागृति उद्यम केंद्र की अवधारणा परिसर में मौजूद एक पुराने बरगद वृक्ष से प्रेरित है। संस्थापक शशांक मणि द्वारा स्थापित यह विचार दर्शाता है कि जैसे एक छोटा बीज समय के साथ विशाल बरगद बनता है, वैसे ही स्थानीय उद्यमी सही मार्गदर्शन, निवेश और मेंटरशिप से बड़े उद्यम में बदल सकते हैं।
‘कौन बनेगा बरगद’ कार्यक्रम इसी दर्शन पर आधारित है, जहां जागृति की इन्क्यूबेशन प्रक्रिया के माध्यम से उद्यमियों को प्रशिक्षण, रणनीतिक सलाह और निवेश के अवसर प्रदान किए जाते हैं।
कृषि से आईटी तक, हर सेक्टर के उद्यमी शामिल
बरगद मंथन में शामिल उद्यमी कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, आईटी, एमएसएमई, सस्टेनेबिलिटी जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। कार्यक्रम के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आए निवेशक और बिजनेस एक्सपर्ट उद्यमियों को फीडबैक, मेंटरशिप और नेटवर्किंग के अवसर प्रदान कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें – रास्ता समतल करने के दौरान हिंसक हमला, तीन घायल—दो गोरखपुर रेफर

280 से अधिक उद्यमों को मिला लाभ
जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल के इन्क्यूबेशन निदेशक विश्वास पांडेय ने बताया कि अब तक केंद्र के इन्क्यूबेशन कार्यक्रम से 280 से अधिक उद्यम लाभान्वित हो चुके हैं। इसके माध्यम से
₹5.07 करोड़ की फंडिंग सहायता,
8,310 किसानों को प्रत्यक्ष लाभ,
112 महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों का सशक्तिकरण,
और 2,601 नए रोजगार अवसरों का सृजन संभव हो पाया है।
उन्होंने कहा कि बरगद मंथन कार्यक्रम पूर्वांचल में एक मजबूत, टिकाऊ और समावेशी उद्यमिता इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

ये भी पढ़ें – 23 जनवरी जन्मे प्रसिद्ध लोग: इतिहास रचने वाले महान व्यक्तित्वों की पूरी सूची

पूर्वांचल की आर्थिक तस्वीर बदलेगा ‘कौन बनेगा बरगद’
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘कौन बनेगा बरगद’ जैसे कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। इससे न केवल पूर्वांचल में निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, महिला उद्यमिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

Editor CP pandey

Recent Posts

रेलवे चौकी के पास दुकानदार दंपत्ति से मारपीट, काफी देर बाद पहुंचे पुलिसकर्मी

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। शहर के रेलवे स्टेशन रोड पर उस समय अफरा-तफरी मच गई…

11 hours ago

बंधऩ बैंक की नई शाखा का उद्घाटन, लोगों को मिलेगी बैंकिंग सुविधा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगर के रुद्रपुर रोड स्थित कटरा में मंगलवार को बंधन बैंक…

13 hours ago

सर्राफा दुकान से सोने के आभूषण लेकर भागा युवक, लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के बेल्थरा रोड नगर में मंगलवार को एक सर्राफा दुकान…

13 hours ago

एक हाथ में चाक-एक में डस्टर

साइंस मैथ्स का मैं अध्यापक,एक हाथ में चाक एक में डस्टर,एक क्लास से दूसरी क्लास…

14 hours ago

जीएसटी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन, 182 शोध-पत्रों की हुई प्रस्तुति

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक…

14 hours ago

27 व 28 मार्च को होगी गोरखपुर विश्वविद्यालय की शोध पात्रता परीक्षा

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूर्णकालिक पी.एच.डी. शोध पात्रता परीक्षा…

14 hours ago