बलिया में प्रसूता की मौत का मामला: सीएमओ ने डीप लोक अस्पताल सीज किया, सात दिन में जांच के निर्देश

सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बलिया जिले के सिकंदरपुर स्थित डीप लोक हॉस्पिटल में प्रसूता की संदिग्ध मौत के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील वर्मन रविवार को स्वयं मौके पर पहुंचे और अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई त्रुटियां और गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर सीएमओ ने अस्पताल को सीज करने का आदेश दे दिया।

जांच में उजागर हुई अनियमितताएं

सीएमओ डॉ. वर्मन ने अस्पताल के अभिलेख, भर्ती रजिस्टर, ऑपरेशन रजिस्टर और मरीजों के उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
जांच में पाया गया कि अस्पताल प्रशासन ने उचित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया था।
सीएमओ ने कहा कि —

“प्राथमिक जांच में लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है। प्रसूता पूजा चौरसिया की मौत गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है।”

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परिजनों ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

मृतका के पति चंदन चौरसिया ने सीएमओ से मुलाकात कर कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की देखरेख में ऑपरेशन किया, जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।

सीएमओ ने अस्पताल को किया सीज, 7 दिन में रिपोर्ट मांगी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर सभी जरूरी दस्तावेज और बयान प्रस्तुत करें।
साथ ही जांच पूरी होने तक डीप लोक हॉस्पिटल को सीज कर दिया गया है।

सीएमओ ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि —

अस्पताल के सभी उपकरण, दवाएं और रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं।

जांच में बाधा डालने की कोई कोशिश न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि लापरवाही साबित होती है तो डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय लोगों में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और सनसनी फैल गई है।
लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में लापरवाही के मामले बार-बार सामने आते हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से ऐसे हादसे दोहराए जा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और क्या मृतका के परिजनों को न्याय मिल पाता है।

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Karan Pandey

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