धनवंती के इलाज में वरदान बना आयुष्मान कार्ड

👉पित्त की थैली में पथरी का हुआ नि:शुल्क आपरेशन

देवरिया(राष्ट्र की परम्परा) 12 सितम्बर… छोटी सी दूकान चला कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले रामायन शर्मा और उनका परिवार चिंता में डूबा था कि उनकी पत्नी धनवंती देवी का इलाज कैसे होगा? उनके पित्त की थैली में पथरी थी और इलाज कराने के लिए पैसे नहीं थे। इस परिवार की मुश्किलें तब हल हो गई जब उन्हें सरकार की आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिला। योजना के तहत बना आयुष्मान कार्ड होने के कारण के धनवंती देवी का योजना के तहत चयनित गोरखपुर के निजी में सफल ऑपरेशन नि:शुल्क हुआ किया गया। ऑपरेशन के बाद परिवार में खुशियां लौट आई हैं।

गौरी बाजार ब्लाक के बड़हरा गांव निवासी धनवंती देवी बताती हैं कि मार्च 2020 में पात्रता के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की मदद से प्रधामंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के तहत गांव में लगे शिविर में आयुष्मान कार्ड बना। धनवंती बताती है कि सितम्बर 2020 में उन्हें अचानक गंभीर पेट दर्द हुआ और उल्टियां होने लगीं। सीएचसी गौरी बाजार पर इलाज कराया। यहां चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड जांच करने को कहा। जाँच में पता चला कि उनके पेट में पित्त की थैली में पथरी है। घर की आर्थिक स्थिति दयनीय थी। ऐसे में महंगे इलाज का खर्च कौन उठाता? सीएचसी के चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत बने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क इलाज की बात बताई और और योजना के तहत चयनित गोरखपुर के निजी हॉस्पिटल में इलाज की सलाह दी। धनवंती के पति रामायन 2 अक्टूबर 2020 को इलाज के लिए उन्हें गोरखपुर के निजी अस्पताल ले गए। वहां अपनी फैमिली आईडी दिखाया। आवश्यक जाँच के बाद चिकित्सकों ने धनवंती को भर्ती कर उनका सफल ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दो दिनों बाद उन्हें डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया। धनवंती पहले से काफी स्वस्थ हैं और सामान्य जीवन जी रहीं हैं।

चयनित अस्पतालों में ही कराएं इलाज

योजना के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि लाभार्थी मरीज इस योजना के तहत चयनित किए गए किसी भी अस्पताल में सीधे जाकर अपनी फैमिली आईडी/आधार कार्ड दिखाकर नि:शुल्क इलाज करा सकते हैं। गंभीर तौर पर बीमार पड़ने पर पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में प्रति लाभार्थी परिवार भर्ती होने के बाद करवा सकते हैं। लाभार्थियों के लिए अधिक सुविधाजनक यही होगा कि यदि किसी प्रकार की आपात स्थिति न हो तो वह पहले अपने नजदीकी राजकीय स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल या मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें एवं वहां तैनात आयुष्मान मित्र से परामर्श लेकर अपनी सुविधानुसार उचित अस्पताल में उपचार कराएं।

👉पात्रों इलाज में मददगार बन रही आयुष्मान भारत योजना

चयनित किए गए अस्पतालों में उनकी क्षमता के आधार पर अलग-अलग बीमारियों का इलाज उपलब्ध है। योजना के तहत जिले में पहले से ही करीब 3 .9 लाख पात्र जुड़ चुके हैं। इन लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड के जरिये संबद्ध निजी और सरकारी अस्पताल में भर्ती होकर पांच लाख तक का इलाज करवाने की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अबतक 22050 लाभार्थी योजना के तहत इलाज करा चुके हैं।

संवादाता देवरिया..

parveen journalist

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