मित्रता कभी मिलने को तरसे,
कभी साथ रहने को भी तरसे,
इससे अच्छी मित्रता क्या होगी,
बिना कभी मिले ही मित्रता रहे।

रिश्तों में चाहना, मिलना, देखना,
अच्छा लगना बहुत सरल होता है,
पर रिश्तों का रहना अक्सर एक
दूसरे संग निभाने पर निर्भर होता है।

अपनी आवश्यकतानुसार सम्बंध
निभाना हमारी सामान्य प्रवृत्ति है,
आवश्यकता के बिना ही दूसरों का
ख़याल रखना अति उत्तम प्रवृत्ति है।

खुद की ख़ुशियों की ख़ातिर जीवन
में किसी और से उम्मीदें क्यों करना,
मुसीबतों से खुद ही हमको लड़ना है,
अपनी ख़ुशियों का शिल्पी बनना है।

ख़ुश रहना खुद का तो अपने
खुद के ऊपर ही निर्भर करता है,
दूसरों को ख़ुशी देख कर भी तो,
दिल ख़ुश रहने का मन करता है।

जीवन में ख़ुश रहने का राज बस
यही एक है, जो कुछ भी सामने
आता है उससे ख़ुश रहना सीखें,
दिल से स्वीकारने को तैयार रहें ।

ख़ुश रहने पर ख़याल उसका आता है
जिससे भी दिल से रिश्ता होता है,
आदित्य हर अपना हो जाये जीवन
में ऐसा प्रश्न ही नही पैदा होता है।

  • कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
rkpnews@desk

Recent Posts

अमरनाथ यात्रा 2026: 3 जुलाई से शुरू, 28 अगस्त तक होंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

जम्मू (राष्ट्र की परम्परा)। बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Amarnath Yatra…

3 hours ago

US-Iran Talks फेल: पाकिस्तान का पहला रिएक्शन, इशाक डार बोले—सीजफायर बढ़े

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन/तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया वार्ता विफल होने के बाद…

4 hours ago

ईरान-अमेरिका वार्ता: शांति की उम्मीद या टकराव की तैयारी?

इस्लामाबाद वार्ता 2026: शांति की पहल या वैश्विक रणनीति का नया शतरंज? गोंदिया/वैश्विक डेस्क। पश्चिम…

8 hours ago

सख्त प्रशासनिक कदम: अंबेडकरनगर में प्राची सिंह, देवरिया में अभिजीत शंकर तैनात

कानून-व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी: यूपी में बड़े स्तर पर पुलिस तबादले देवरिया के पुलिस…

17 hours ago

मानवता की सेवा ही रेडक्रॉस का उद्देश्य: शिवेंद्र विक्रम सिंह

स्वास्थ्य जागरूकता अभियान: 900 प्रशिक्षुओं को हाईजिन किट वितरित गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। 26वीं वाहिनी…

18 hours ago

सामाजिक क्रांति के जनक ज्योतिबा फुले की मनाई गयी जयंती

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l समाजवादी पार्टी के बेतियाहाता स्थित कार्यालय पर भारत के सामाजिक क्रांति के…

19 hours ago