लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फॉर्म-7 के माध्यम से सुनियोजित तरीके से वोट कटवाने की कोशिश की जा रही है, जिससे विपक्ष को नुकसान पहुंचाया जा सके।
सकलडीहा और बाबागंज का मामला
अखिलेश यादव के अनुसार सकलडीहा विधानसभा में फॉर्म-7 के 16 आवेदन जमा किए गए। वहीं बाबागंज विधानसभा के बूथ नंबर 365 पर फर्जी हस्ताक्षर कर लगभग 100 वोट कटवा दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एक बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया। इसे उन्होंने “सीधी साजिश” करार दिया।
‘बीजेपी की सीक्रेट बैठक’ का दावा
सपा प्रमुख ने दावा किया कि बीजेपी की एक गुप्त बैठक में हर विधानसभा में वोट कटवाने की रणनीति बनाई गई। उन्होंने कन्नौज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के एक नेता का बयान भी इस ओर इशारा करता है।
अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि यह गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर वोट हटाने की योजना है।
ये भी पढ़े – लखनऊ समेत यूपी की 18 जिला अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी, कचहरी परिसरों में सघन चेकिंग
नेताओं और परिवारों के नाम कटने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि औरैया नगर अध्यक्ष का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया। साथ ही बलिया के सिकंदरपुर से सपा विधायक की पत्नी का नाम भी काटे जाने की बात कही।
उनका कहना है कि विपक्षी नेताओं और उनके समर्थकों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
अयोध्या में फॉर्म-7 के आंकड़े
अखिलेश यादव ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बूथ पर 181 नोटिस जारी हुए, जिनमें से 76 प्रतिशत पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को मिले।
उन्होंने दावा किया कि 46 प्रतिशत नोटिस यादव और मुस्लिम समुदाय को दिए गए।
उनके अनुसार अयोध्या में सपा ने 47 फॉर्म-7 भरे, जबकि बीजेपी की ओर से लगभग एक हजार आवेदन दिए गए। एक लाख से अधिक आवेदन “अज्ञात लोगों” द्वारा भरे जाने का भी आरोप लगाया गया।
‘हार के डर’ का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी चुनाव हारने के डर से इस तरह की रणनीति अपना रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जमीनी हकीकत कुछ और है।
इटावा में मारपीट का आरोप
इटावा में शिकायत करने पर एक सपा समर्थक प्रधान के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कोई मतदाता अपना नाम बचाने की कोशिश करता है तो उस पर दबाव बनाया जाता है।
तीखा राजनीतिक हमला
अखिलेश यादव ने बयान देते हुए कहा, “गद्दी विरासत में मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 के जरिए पीडीए समाज के वोटों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब चुनाव आयोग से इस संबंध में सवाल किए जाते हैं तो स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाता।
धरना कर उपजिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौपा बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)कांग्रेसियों ने रेलवे…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)।कुशीनगर में आयोजित जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थानीय…
देवरिया सदर अस्पताल, बलिया मेडिकल कॉलेज और रिक्त पदों पर सरकार का जवाब बलिया (राष्ट्र…
लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। राजधानी लखनऊ में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने…
बिहार (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार में Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana के तहत महिलाओं को आर्थिक…